Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... पथरीले ग्रहों का निर्माण बिग बैंग के काफी बाद हुआ, देखें वीडियो

अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ा: UN ने तालिबानी शासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर क्या बड़ी अपील की?

अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से ही महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन प्रतिबंधों में तालिबानी शासन ने महिलाओं को यूएन के कार्यालयों में काम करने से भी रोक दिया है. इसी के बाद अब यूएन ने इसी के चलते तालिबानी सरकार को चेतावनी दे दी है. यूएन ने रविवार को तालिबान से आग्रह किया कि वो अफगान महिलाओं पर लगे UN कार्यालयों में काम करने के प्रतिबंध को हटाए. यह चेतावनी देते हुए कि ये पाबंदियां मानवीय सेवाओं को खतरे में डाल रही हैं.

साल 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से उन्होंने महिलाओं पर कई प्रतिबंध लगाए हैं. इसमें महिलाओं को नौकरिया करने, पार्क में जाने, ब्यूटी सैलून और 12 साल की उम्र के बाद पढ़ाई करने से रोक दिया गया है. सितंबर में जारी निर्देश के तहत अफगान महिला कर्मचारियों और ठेकेदारों को देश भर में UN परिसरों में प्रवेश करने से रोका गया है.

UN ने प्रतिबंध हटाने की मांग की

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की महिला एजेंसी की विशेष प्रतिनिधि सुसान फर्ग्यूसन ने कहा कि संगठन अपनी महिला कर्मचारियों के बिना अच्छे से काम नहीं कर सकता. उन्होंने AFP को दिए बयान में कहा, हम अफगान महिला कर्मचारियों और ठेकेदारों पर यूएन परिसरों में काम करने को लेकर जो उन पर प्रतिबंध लगाया गया है उसको हटाने की मांग करते हैं.

उन्होंने आगे कहा, जितना ज्यादा समय ये प्रतिबंध बने रहेंगे, इन जीवन रक्षक सेवाओं को खतरा उतना ही बढ़ेगा, और यूएन ने चेतावनी दी कि तालिबानी शासन की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध समानता और मानवाधिकारों के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं.

प्रतिबंध हटाना क्यों अहम?

हालांकि, यूएन के अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि कार्यालय में कितनी महिलाएं काम करती हैं. कितनी महिलाएं इससे प्रभावित हुई हैं, लेकिन समाचार एजेंसी AFP ने रिपोर्ट किया कि वर्तमान में कई सैकड़ों कर्मचारियों को काम करने से रोका गया है.

अपने काम कि अहमियत बताते हुए फर्ग्यूसन ने कहा, सिर्फ अफगानी महिलाओं की मदद से ही वो महिलाओं और लड़कियों तक पहुंच सकते हैं और उनको जरूरी सहायता पहुंचा सकते हैं. लेकिन, अगर महिलाएं ही अब यूएन में काम करेंगी तो ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं हो पाएगा.