Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: निर्धन कन्याओं के पीले हुए हाथ, सरकार ने बसाया घर; सामूहिक विवाह सम... NSUI Leader FIR: NSUI विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवलतानी पर FIR; यातायात प्रभारी TI से अभद्रता करने का ल... Bhopal Kinner Dispute: भोपाल में किन्नरों के दो गुटों के बीच 'वर्चस्व की जंग'; इलाके को लेकर जमकर हं... Neemuch Police News: नीमच पुलिस कंट्रोल रूम में हेड कांस्टेबल ने की खुदकुशी; RI पर लगाए गंभीर आरोप, ... Monalisa News: ट्रेलर लॉन्च से पहले मोनालिसा को बड़ा झटका! प्रयागराज माघ मेला प्रबंधन ने नहीं दी परमि... Singrauli News: रील बनाने का जुनून पड़ा भारी! सिंगरौली में नाव पलटने से डैम में डूबा युवक, 24 घंटे ब... Cyber Fraud: अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं! साइबर ठगों के जाल में फंसा ASI, एक टेक्स्ट मैसेज से खाते से ... Bhopal GMC News: भोपाल GMC में सनसनी; MBBS छात्रा का बाथरूम में मिला शव, पास मिली एसिड की खाली बोतल Bandhavgarh News: बांधवगढ़ की लाडली का टूटा सपना! हेलिकॉप्टर से होनी थी विदाई, लेकिन खौफनाक अंत ने स... Shahdol News: शहडोल में CM को काले झंडे दिखाने पर बवाल; पुलिस ने नाबालिग को भी भेजा जेल, कांग्रेस का...

यूरोप के कई देश इजरायली वहिष्कार के पक्ष में

इजरायल आया तो यूरोविजन में भाग नहीं लेंगे

मैड्रिडः यूरोपीय प्रसारण संघ द्वारा आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित यूरोविजन सॉन्ग कॉन्टेस्ट में इज़राइल की भागीदारी को लेकर विवाद गहरा गया है। गाजा संघर्ष में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में, कम से कम चार सदस्य देशों ने घोषणा की है कि वे अगले साल की प्रतियोगिता से हट जाएंगे या इसमें भाग नहीं लेंगे। इनमें स्पेन और नीदरलैंड जैसे प्रमुख देश शामिल हैं, जिन्होंने अपने राष्ट्रीय प्रसारकों के माध्यम से ईबीयू को अपने फैसले से अवगत कराया है। बहिष्कार का आह्वान करने वालों का तर्क है कि प्रतियोगिता को भू-राजनीतिक संघर्षों से ऊपर उठना चाहिए, लेकिन एक देश को उसके कार्यों के कारण भाग लेने की अनुमति देना प्रतियोगिता के घोषित मूल्यों के विपरीत है।

बहिष्कार की मांग कई यूरोपीय देशों में कलाकारों, संगीत हस्तियों और शांति कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग से आई है। उनका तर्क है कि यदि रूस को यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था, तो इज़राइल को भी गाजा में मानवीय संकट के कारण बाहर किया जाना चाहिए। हालांकि, ईबीयू ने दृढ़ता से कहा है कि यूरोविजन एक गैर-राजनीतिक संगीत प्रतियोगिता है और इज़राइल, जिसके राष्ट्रीय प्रसारक ईबीयू का सदस्य है, नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहा है। ईबीयू ने इज़राइल को बाहर करने के लिए किए जा रहे दबाव को अस्वीकार कर दिया है। ईबीयू का मानना ​​है कि कलाकार अपने राष्ट्रीय प्रसारकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, सरकारों का नहीं, और कला को बहिष्कार का निशाना नहीं बनाना चाहिए।

आगे के निहितार्थ: यह बहिष्कार यूरोविजन की संगीत के माध्यम से एकता की मूल भावना के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यह पहली बार नहीं है जब प्रतियोगिता राजनीतिक विवादों से घिरी है, लेकिन बहिष्कार का यह स्तर प्रतियोगिता के भविष्य की प्रतिष्ठा और इसकी वित्तीय स्थिरता पर गंभीर प्रश्न उठाता है। अन्य देशों के भी हटने की संभावना है, जिससे यूरोविजन की व्यापकता और आकर्षण प्रभावित हो सकता है। यह घटना यूरोप में कला और राजनीति के बीच नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जहाँ सांस्कृतिक मंच तेजी से भू-राजनीतिक विरोध का स्थल बन रहे हैं।