Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...

यूरोप के कई देश इजरायली वहिष्कार के पक्ष में

इजरायल आया तो यूरोविजन में भाग नहीं लेंगे

मैड्रिडः यूरोपीय प्रसारण संघ द्वारा आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित यूरोविजन सॉन्ग कॉन्टेस्ट में इज़राइल की भागीदारी को लेकर विवाद गहरा गया है। गाजा संघर्ष में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में, कम से कम चार सदस्य देशों ने घोषणा की है कि वे अगले साल की प्रतियोगिता से हट जाएंगे या इसमें भाग नहीं लेंगे। इनमें स्पेन और नीदरलैंड जैसे प्रमुख देश शामिल हैं, जिन्होंने अपने राष्ट्रीय प्रसारकों के माध्यम से ईबीयू को अपने फैसले से अवगत कराया है। बहिष्कार का आह्वान करने वालों का तर्क है कि प्रतियोगिता को भू-राजनीतिक संघर्षों से ऊपर उठना चाहिए, लेकिन एक देश को उसके कार्यों के कारण भाग लेने की अनुमति देना प्रतियोगिता के घोषित मूल्यों के विपरीत है।

बहिष्कार की मांग कई यूरोपीय देशों में कलाकारों, संगीत हस्तियों और शांति कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग से आई है। उनका तर्क है कि यदि रूस को यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था, तो इज़राइल को भी गाजा में मानवीय संकट के कारण बाहर किया जाना चाहिए। हालांकि, ईबीयू ने दृढ़ता से कहा है कि यूरोविजन एक गैर-राजनीतिक संगीत प्रतियोगिता है और इज़राइल, जिसके राष्ट्रीय प्रसारक ईबीयू का सदस्य है, नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहा है। ईबीयू ने इज़राइल को बाहर करने के लिए किए जा रहे दबाव को अस्वीकार कर दिया है। ईबीयू का मानना ​​है कि कलाकार अपने राष्ट्रीय प्रसारकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, सरकारों का नहीं, और कला को बहिष्कार का निशाना नहीं बनाना चाहिए।

आगे के निहितार्थ: यह बहिष्कार यूरोविजन की संगीत के माध्यम से एकता की मूल भावना के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यह पहली बार नहीं है जब प्रतियोगिता राजनीतिक विवादों से घिरी है, लेकिन बहिष्कार का यह स्तर प्रतियोगिता के भविष्य की प्रतिष्ठा और इसकी वित्तीय स्थिरता पर गंभीर प्रश्न उठाता है। अन्य देशों के भी हटने की संभावना है, जिससे यूरोविजन की व्यापकता और आकर्षण प्रभावित हो सकता है। यह घटना यूरोप में कला और राजनीति के बीच नाजुक संतुलन को दर्शाती है, जहाँ सांस्कृतिक मंच तेजी से भू-राजनीतिक विरोध का स्थल बन रहे हैं।