उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक संगठित हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो बहनें और उनका पुरुष सहयोगी शामिल थे। यह गैंग सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स का उपयोग करके लोगों को फँसाता था और फिर ब्लैकमेल करके बड़ी रकम ऐंठता था। गैंग की शिकार बने एक व्यक्ति की शिकायत के बाद यह खुलासा हुआ, जिससे इस बात का पता चला कि पीड़ित को 5 लाख रुपये रुपये गंवाने पड़े थे। पीड़ित ने बताया कि एक महिला ने उससे एक प्रतिष्ठित पेशेवर के रूप में संपर्क किया और उसे एक एकांत जगह पर मिलने के लिए राजी किया।
जैसे ही पीड़ित वहाँ पहुँचा, महिला और उसके साथी तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने पीड़ित पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाने की धमकी दी। उन्होंने जबरन पीड़ित के कुछ आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीरें बना लीं और सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी। बदनामी के डर और कानूनी कार्रवाई के भय से, पीड़ित ने उन्हें किश्तों में 5 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
जब गैंग ने और पैसे की मांग की, तब पीड़ित ने अंततः पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। पुलिस ने एक योजनाबद्ध ऑपरेशन में गैंग के सदस्यों को अगले भुगतान के समय रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, और पीड़ित से वसूले गए पैसों का हिस्सा जब्त किया है। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि लोग सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से बातचीत करते समय अत्यधिक सतर्क रहें। इस मामले में जबरन वसूली (Extortion) और आपराधिक धमकी सहित भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।