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SIR फॉर्म भरने का आखिरी मौका! केवल एक हफ्ता बाकी, चूक गए तो पछताएंगे, तुरंत कर लें ये 3 आसान काम

चुनाव आयोग की ओर से नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने में अब केवल एक हफ्ते बाकी हैं. पहले SIR फॉर्म भरने की समय सीमा 4 दिसंबर तक थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 11 दिसंबर तक कर दी गई है. वहीं, ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर की जगह 16 दिसंबर को प्रकाशित होगी और संशोधित मतदाता सूची 7 फरवरी की जगह 14 फरवरी को जारी होगी, लेकिन कारणवश यदि आपने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, तो अभी भी आपके पास एक हफ्ते का समय है और अभी भी आप फॉर्म भर सकते हैं.

अभी तक बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ज्यादातर घरों में जाकर मतदाताओं को Enumeration form वितरित कर चुके हैं और फॉर्म संग्रह कर लिया गया है. फॉर्म के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में है.

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार बीएलओ कम से कम तीन बार आपके घर जाएगा. इस दौरान यदि आप या आपके किसी परिवार से उसकी मुलाकात नहीं हुई और आपने फॉर्म नहीं भरा है तो हो सकता है कि आपकी डिटेल्स 16 दिसंबर को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में न दिखें.

यदि नहीं भरा है फॉर्म तो क्या करें?

ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप चुनाव आयोग की वेबसाइट में लॉग इन कर एपिक कार्ड नंबर सबमिट कर अपना डिटेल्स की जानकारी हासिल कर सकते हैं और यहीं से आप अपने बीएलओ का नंबर भी हासिल कर सकते हैं.

या तो आप बीएलओ को फोन करें और उससे फॉर्म लेकर आवश्यक जानकारी यानी अपना वोटर कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और नए फोटोग्राफ और 2002-03 के एसआईआर से लिंक कर अपना फॉर्म भर दें.

यदि आपका नाम 2002-2003 के एसआईआर में नहीं है, तो अपने माता-पिता, दादा-दादी या फिर नाना-नानी को लिंक कर फॉर्म भर दें. यदि एसआईआर में किसी का भी नाम नहीं है तो भी आप फॉर्म भर दें. या फॉर्म चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी भरी जा सकती है.

आप अभी भी voters.eci.gov.in पर Fill Enumeration Form सेक्शन में अपनी डिटेल्स ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या अपने BLO या इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर से संपर्क कर सकते हैं. बाद में फॉर्म 8 से सुधार किए जा सकते हैं.

क्या ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल होगा नाम?

अगर आपका फॉर्म जमा नहीं किया गया था, या आपका नाम या आपके माता-पिता का नाम 2002 के SIR रोल से गायब है, तो आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रह सकता है.

ऐसे मामलों में, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर जांच शुरू कर सकता है और स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस भेज सकता है. आप क्लेम और ऑब्जेक्शन पीरियड के दौरान भी अपनी डिटेल्स जमा कर सकते हैं,जो ड्राफ्ट सूची जारी होने के एक माह तक चलेगी. अपना नाम जोड़ने के लिए इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट से फॉर्म 6 का इस्तेमाल करें. आप कोई भी एक डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं, जैसे बर्थ सर्टिफिकेट, आधार या कोई मौजूदा वोटर ID.

अगर आप ड्राफ्ट रोल पब्लिश होने के बाद फॉर्म जमा करते हैं, तो आपको अपनी एलिजिबिलिटी कन्फर्म करने के लिए इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के सामने हियरिंग में शामिल होना होगा.

अगर आप हियरिंग में शामिल नहीं होते हैं या अपनी क्वालिफिकेशन साबित नहीं कर पाते हैं, तो आपका नाम फाइनल लिस्ट से हटाया जा सकता है. इससे अगले चुनाव में आपके वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है.

फाइनल लिस्ट में नाम नहीं रहने पर क्या लगेगा जुर्माना?

लोगों में इस बात का संशय है कि यदि फाइनल लिस्ट में नहीं रहेगा तो क्या नागरिकता पर असर पड़ेगा या फिर कोई जुर्माना लगेगा. चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि फॉर्म नहीं भरने पर किसी तरह का जुर्माना या कानूनी पेनल्टी नहीं लगाया जाएगा.

चुनाव आयोग का कहना है कि फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आने पर नागरिकता पर भी कोई सवाल नहीं उठेगा और मतदाता बाद में भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा सकता है. चुनाव आयोग के अनुसार इसकी कोई अलग प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सामान्य प्रक्रिया ही है, जिसके तहत मतदाता सूची में नाम शामिल किये जाते हैं.