सागर: नगर निगम ने अपनी नाकामियों का ठीकरा शहर की समय से जलकर भरने वाली जनता पर फोड़ा है. नगर निगम अपने उपभोक्ताओं से 66 करोड़ वसूलने में नाकाम है, तो उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ डालने का काम किया है. निगम की माली हालत किसी से छिपी नहीं है. दिवाली पर हालात ये थे कि 4 महीने से सैलरी ना मिलने से हड़ताल के हालात बन गए थे. निगम को 5 करोड़ रुपए कर्ज लेकर सैलरी देनी पड़ी थी. नगर निगम ने एक नवंबर से जलकर की राशि लागू कर दी गई है.
आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए जलप्रदाय और राजस्व शाखा को बढ़ी हुई दरों से जलकर वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं. हालांकि पिछले 14 साल बाद जलकर में बढ़ोत्तरी की गयी है. लेकिन नये आदेश में हर दो साल में 5% जलकर की दरों वृद्धि किए जाने का उल्लेख है.
क्या कहना है निगम का
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि, ”27 सितंबर 2025 को निगम परिषद साधारण सम्मेलन में लिये गये फैसलों का पालन करते हुए नगर निगम क्षेत्र के सभी जल उपभोक्ताओं के लिये जलकर की नयी दरें 1 नवम्बर 2025 से प्रभावशील किए जाने के आदेश जारी कर दिए गये हैं. जिसमें
घरेलू कनेक्शन –
1/2 इंच साइज
सामान्य वर्ग – 200 रुपए
अनु.जा.वर्ग – 125 रुपए
3/4 इंच साइज
सभी वर्गो के लिये – 1180 रुपए
1 इंच साइज
सभी वर्गों के लिए – 2100 रुपए
व्यवसायिक नल कनेक्शन –
1/2 इंच साइज
सभी वर्गो के लिये – 1050 रुपए
3/4 इंच साईज – 2360 रुपए
01 इंच साइज – 4200 रुपए
बल्क सप्लाई – 15 रुपए प्रति हजार लीटर
दरों में प्रत्येक 2 वर्ष में 5 प्रतिशत की जलकर की वृद्धि की जाएगी.
नगर निगम में 33 हजार 500 कनेक्शन
जहां तक नगर निगम के जल उपभोक्ताओं की बात करे, तो 33 हजार से ज्यादा वैध कनेक्शन हैं. जिनमें से करीब 70% वसूली नगर निगम का अमला कर पाता है. जबकि समय-समय पर निगम अभियान चलाकर वसूली करता है. अवैध कनेक्शन की कोई जानकारी निगम के पास नहीं है. निगमायुक्त ने बताया कि, ”बढ़ी हुए जलकर आदेश में जलप्रदाय व राजस्व अधिकारी को निर्देश दिये गए हैं कि 1 नवम्बर 2025 से बढ़ी हुई दरों के अनुसार बिल जारी कर वसूली की जाए तथा मांग पंजी में मांग संशोधित की जाए.”