ग्यारह सौ एक महिलाओं ने दीपकों से की मां काली की महाआरती
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स्थानीय विधायक सीपी सिंह मुख्य अतिथि थे
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महाआरती को देखने जुटी थी हजारों की भीड़
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संकल्प को चुनौतियां भी मिली हैः प्रेम वर्मा
राष्ट्रीय खबर
रांचीः झारखंड की राजधानी रांची का हरमू रोड एक बार फिर भक्ति और सामाजिक चेतना के अनूठे संगम का साक्षी बना। यहां की काली पूजा स्वागत समिति, जो अपने 37वें स्थापना वर्ष का भव्य समारोह मना रही है, इस बार मां काली की आराधना को एक व्यापक सामाजिक उद्देश्य से जोड़कर एक नई मिसाल पेश की।
समिति ने पिछले साल से ही इस संकल्प पर काम करना जारी रखा है पर सामाजिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस अभियान को अभी जारी रखने की बात कही गयी। आयोजन की सबसे विशिष्ट और मनमोहक प्रस्तुति 21 अक्टूबर की शाम को भव्य महाआरती हुई। इस महाआरती में 1101 महिलाएं लाल रंग की साड़ी में सुसज्जित होकर भाग लेने पहुंची।
यह एकरूपता, नारी शक्ति और सामूहिक आस्था का अभूतपूर्व प्रदर्शन था। हजारों दीपकों की एक साथ जलती लौ से उत्पन्न होने वाली स्वर्णिम आभा न केवल पूजा स्थल को आलोकित करती रही बल्कि इस महाआरती को देखने आस पास के भी हजारों लोग वहां हर साल की तरह एकत्रित हुए।
समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रेम वर्मा ने इस वर्ष के आयोजन के पीछे के गहन विचार को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि हर साल, समिति समाज के किसी ज्वलंत और महत्वपूर्ण विषय को पूजा की थीम के रूप में चुनती है। इस बार, समाज को भीतर से खोखला कर रहे नशे की बुराई को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया गया है।
इसी भावना के अनुरूप, पूजा पंडाल की सज्जा भी नशामुक्ति के संदेशों और कलाकृतियों पर आधारित है। समिति का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी केवल धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सामाजिक एकता का भी सशक्त प्रतीक है।
मातृशक्ति की यह सामूहिक उपस्थिति यह दर्शाती है कि जब महिलाएं किसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध एकजुट होती हैं, तो परिवर्तन अवश्यंभावी होता है। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति अभियान को धमकी और चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। इसके बाद भी नशा मुक्ति अभियान का बेहतर प्रभाव पड़ रहा है और लोग जागरूक हो रहे हैं।
महाआरती से पूर्व स्थानीय क्राउन पब्लिक स्कूल में आयोजित भजन संध्या और सभा को संबोधित करते हुए रांची के विधायक सीपी सिंह ने ऐसे आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और खास तौर पर संकल्प के साथ इसे और बेहतर ढंग से जारी रखने को कहा ताकि समाज में इसका गहन प्रभाव हो। संस्था के संरक्षक और प्रभात खबर के संपादक विजय पाठक ने नशा मुक्ति के अभियान को सराहना की और इसके बुरे प्रभाव के बारे में कई अनुभव भी सांझा किये। इस मौके पर कई समाजसेवियों, संगठनों के प्रमुखों और आमंत्रित अतिथियों का भी मोमेंटो और चुनरी भेंट कर सम्मान किया गया।