एसआईआर विवाद के जारी रहने के बाद चुनाव आयोग का फैसला
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अधिक पारदर्शी बनाने का नया दावा
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सभी ईवीएम को अपग्रेड किया जाएगा
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मतदाताओं को अधिक स्पष्टता मिलेगी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने घोषणा की है कि इस वर्ष के चुनावों में अपग्रेडेड इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, आयोग ने मतदान पत्र (बैलेट पेपर) और ईवीएम पर उम्मीदवारों के प्रतीकों की छपाई से संबंधित नए और संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन नए नियमों का उद्देश्य मतदान पत्रों की स्पष्टता और पठनीयता को बढ़ाना है, ताकि मतदाताओं को अपने पसंद के उम्मीदवार को चुनने में कोई दिक्कत न हो। संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत, मतदान पत्र पर उम्मीदवार का नाम और उसके चुनाव चिह्न के साथ-साथ उसकी रंगीन तस्वीर भी होगी। यह एक बड़ा बदलाव है, जो अक्सर भ्रमित होने वाले मतदाताओं के लिए मददगार साबित हो सकता है। यह कदम फर्जी उम्मीदवारों और नामों की समानता से होने वाले कन्फ्यूजन को कम करने में भी सहायक होगा।
ये बदलाव ‘आचरण निर्वाचन नियमावली, 1961’ के नियम 49बी के तहत किए गए हैं। आयोग का मानना है कि इन नए ईवीएम और बैलेट पेपर के डिज़ाइन से मतदान प्रक्रिया में अधिक सटीकता आएगी। रंगीन तस्वीरों का इस्तेमाल पहली बार होने जा रहा है, और उम्मीद है कि इससे मतदाता सीधे तौर पर उम्मीदवार की पहचान कर पाएंगे।
यह पहल निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बिहार विधानसभा चुनाव देश में सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक हैं, और इन सुधारों का सफल क्रियान्वयन भविष्य के चुनावों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। इस निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि हर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग बिना किसी संकोच या गलती के कर सके।