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हमास के भूमिगत सुरंगों को नष्ट कर रही इजरायली सेना

सेना ने वीडियो जारी कर सच्चाई बता दी

तेल अवीवः आईडीएफ इंटरनेशनल के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशनी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक अंधेरी सुरंग दिखाई दे रही थी जिसमें शौचालय समेत रहने की सुविधाएँ थीं। अपनी पोस्ट में, शोशनी ने दावा किया कि ये ढाँचे हमास के आक्रामक भूमिगत सुरंग मार्ग थे। हमारे सैनिकों ने हमास के दो आक्रामक भूमिगत सुरंग मार्गों को ध्वस्त कर दिया। एक में निकास द्वार, हथियार, भोजन और रहने की जगह भी थी, लेकिन उसे कंक्रीट से हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था।

शोशानी ने कहा, दूसरा सैकड़ों मीटर ज़मीन के नीचे फैला हुआ था और उसे भी ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान के दौरान, दर्जनों आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया और ज़मीन के ऊपर और नीचे, दोनों जगह आतंकी ढाँचे को नष्ट कर दिया गया। कुछ ऐसे ही सुरंगों को पहले भी ध्वस्त किया गया था।

इनमें से कुछ गाजा के प्रमुख अस्पतालों के साथ सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। इससे इजरायली सेना का यह आरोप प्रमाणित हो जाता है कि गाजा के अनेक डाक्टर भी हमास के समर्थक थे। अब हमास की इस कार्रवाई से आम जनता को हुए कष्ट के बाद भी जनता ने हमास के खिलाफ विरोध दर्ज नहीं कराया है। इसका एक निष्कर्ष यह भी निकलता है कि आम लोगों में भी हमास के प्रति सहानुभूति रखने वालों की कमी नहीं है और शेष लोग डर के बारे में हमास का विरोध नहीं कर पा रहे हैं।

गत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इज़राइल पर आक्रमण के बाद से, इस संघर्ष में 60,000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं और युद्ध के कारण हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मानवीय संकट को कम करने के लिए सहायता प्रदान करने का दावा किया है, लेकिन यह भी कहा है कि हमास के आतंकवादी लगातार इस सहायता को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले हफ़्ते, संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की कि गाजा शहर में अकाल व्याप्त है। मंगलवार को, इज़राइल में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा कैबिनेट की बैठक से पहले गाजा युद्ध को समाप्त करने और बंधकों की वापसी की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव में, प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, इज़राइली झंडे लहराए और बंधकों की तस्वीरें लिए हुए थे। इज़राइली मीडिया ने बताया कि अन्य लोग शहर में अमेरिकी दूतावास की शाखा के पास और कई मंत्रियों के घरों के बाहर जमा हुए।