Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची मौसम केंद्र में लगा बिहार-झारखंड का पहला डिस्ड्रोमीटर: अब बूंदों के आकार और रफ्तार का भी होगा ... देवघर में श्रावणी मेला हेलीकॉप्टर सेवा अचानक बंद: हथगढ़ मैदान में जमीन विवाद पर कोर्ट का आदेश, नया स... देवघर के सरकारी स्कूलों में 'मेरी शब्द, मेरी कहानी' अभियान की शुरुआत, रीडिंग स्किल सुधारने पर जोर झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 63.24 लाख मतदाताओं को नोटिस MMDR संशोधन बिल पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का बड़ा बयान: 'झारखंड को होगा सीधा फायदा' भर्ती सुधार यात्रा और CM आवास घेराव का ऐलान: JPSC-JSSC न्याय मंच का सरकार पर बड़ा हमला, CID रिपोर्ट ... JPSC से मोहभंग, BPSC की तरफ पलामू के युवाओं का रुझान: भाषा विवाद और पेपर लीक के बीच 12 से अधिक का हु... शराब के नशे में जहरीले नाग से करतब: डसने के बाद सूजा हाथ, डॉक्टर बोले- 'एंटी वेनम से टला बड़ा खतरा' कांकेर में किचन तक पहुंचे 2 भालू: बर्तन गिरने पर खुली नींद, कमरे में बंद होकर बची परिवार की जान; इला... कवर्धा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से ग्रामीण की दर्दनाक मौत: बकरियों के लिए पत्ते तोड़ते समय ह...

बच्चे के फेफड़े में फंसी सुई को निकाला

  • बच्चे ने निगल लिया था इसे

  • चुंबक को फेफड़ तक पहुंचाया

  • अब बच्चा ठीक होकर घर गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः यहां के एम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी के जरिए बच्चे की जान बचाई। इस बच्चे के फेफड़े में सुई फंसी हुई थी। बिना कोई चीरा लगाए चुंबक की मदद से बच्चे के फेफड़े से 4 सेमी लंबी सुई निकाली गई। अस्पताल के बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सुई निकालकर बच्चे की जान बचा ली।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक 7 साल का बच्चा स्वस्थ है। इस बारे में पता चला है कि बच्चे ने खेल-खेल में सुई निगल ली। तभी बच्चे को बुखार आ गया। उन्हें बुखार के साथ खांसी भी थी और खांसी से खून आ रहा था। बच्चे के माता-पिता डर गये। इसके बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। छाती के एक्स-रे में उनके फेफड़े में 4 सेमी लंबी सुई फंसी हुई दिखाई दी। और ये सारी परेशानियां सूई चुभने की वजह से हो रही हैं। यह देखकर डॉक्टर हैरान रह गए।

सुई बच्चे के सीने में चुभती रही। नतीजतन, डॉक्टर समझ सकते हैं कि अगर सुई तुरंत नहीं निकाली गई तो बच्चे की जान जा सकती है। पहले बच्चे को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां के डॉक्टर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। वहां से बच्चे को एम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन डॉक्टर उस जगह पर सर्जरी का जोखिम नहीं उठाना चाहते थे जहां सुई फंसी थी।

आख़िरकार, मेडिकल टीम ने चुंबक की मदद से फेफड़े से सुई निकालने का फैसला किया। इस प्रकार चांदनी चौक बाजार से एक मजबूत चुंबक लाया गया। जो 4 मिमी लंबा और 1.5 मिमी चौड़ा था। डॉक्टरों ने चुंबक को गले से होते हुए फेफड़ों तक पहुंचाया। चुंबक के करीब आते ही सुई उससे चिपक गयी। इसके बाद डॉक्टर की टीम ने चुंबक के दबाव से सुई को धीरे-धीरे बाहर निकाला। सर्जरी के लिए डॉ विशाखा जैन और डॉ देवेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इस सर्जरी में काफी समय लगता है।

डॉक्टरों के मुताबिक ये सर्जरी बेहद जटिल थी। उस स्थिति में, यदि चुंबक प्रवेश के दौरान वायुमार्ग के संपर्क में आता तो खतरा हो सकता था। लेकिन कुछ न हुआ। सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा दिल्ली के सीलमपुर का रहने वाला है। रविवार को बच्चे को बुखार शुरू हुआ। उसकी माँ को लगा कि सब कुछ सामान्य हो जाएगा। लेकिन, अगले ही दिन उन्हें खांसी के साथ खून आने लगा और उनकी मां बिना देर किए उन्हें अस्पताल ले गईं। शुक्रवार को एम्स में सर्जरी के बाद बच्चे को शनिवार को छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है