Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

जासूसी मामले में असम पुलिस ने पांच को किया गिरफ्तार

  • भारतीय सिम कार्ड पहुंचाने का पता चला

  • नगांव और मोरीगांव से हुई है गिरफ्तारी

  • विदेशी दूतावास को व्हाट्सएप फोन किया था

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: पाकिस्तानी जासूसी मामले में असम पुलिस ने पांच को गिरफ्तार किया है।असम पुलिस ने आज कहा कि इंटेलिजेंस की विशेष जानकारी के आधार पर पाकिस्तानी एजेंसी को सिम कार्ड पहुंचाने के आरोप में असम पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।

असम के नगांव और मोरीगांव जिलों में छापेमारी के बाद पुलिस ने विदेशी दूतावास के साथ रक्षा सूचनाओं को साझा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हैंडसेट सहित कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

असम पुलिस के प्रवक्ता प्रशांत भुइयां ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य स्रोतों से मिले इनपुट के आधार पर चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तारियां की गई हैं।

उन्होंने कहा, इनपुट था कि इन दो जिलों के लगभग 10 लोग धोखाधड़ी से विभिन्न सेवा प्रदाताओं से सिम कार्ड प्राप्त करने और उन्हें कुछ पाकिस्तानी एजेंटों को आपूर्ति करने में शामिल थे, इस प्रकार राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान नागांव के आशिकुल इस्लाम, बदरउद्दीन, मिजानुर रहमान और वहीदुज जमान और मोरीगांव के बहारुल इस्लाम के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए लोगों और अन्य पांच फरार आरोपियों के घरों से बरामद सामानों में 18 मोबाइल फोन, 136 सिम कार्ड शामिल हैं। इसके धोखाधड़ी से खरीदे जाने का संदेह है।

इसके अलावा एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक हाई-टेक सीपीयू और कुछ दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासबुक और तस्वीरें पुलिस ने बरामद की है। पूछताछ के दौरान, यह पता चला कि आशिकुल इस्लाम दो आईएमइआई  नंबर वाले एक मोबाइल हैंडसेट का उपयोग कर रहा था, जिससे एक वॉट्सऐप कॉल किया गया था, जो एक विदेशी दूतावास के साथ रक्षा सूचना साझा कर रहा था।

भुइयां ने कहा, वह विशिष्ट मोबाइल फोन उसके कब्जे में पाया गया था। पकड़े गए अन्य लोग भी इस सिलसिले में तकनीकी रूप से संलिप्त पाए गए। आईबी अधिकारियों की एक टीम इनलोगों से गहन पूछताछ चला रही है।

नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने  आज बताया कि पांच अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। गिरोह में और लोग शामिल थे या नहीं इसका पता बाद में चलेगा। डोले ने मामले में शामिल केंद्रीय एजेंसी की पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया और कहा कि असम पुलिस की विभिन्न एजेंसियां नगांव पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका के बारे में एसपी ने कहा कि जब हम बाकी पांच आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे तो चीजें साफ हो जाएंगी। उन्हें पकड़ने के लिए अभियान जारी है। लीना डोले ने कहा, वे  क्या कर रहे थे, उन्हें पैसा कौन दे रहा था और अन्य विवरण गहन पूछताछ के बाद स्पष्ट होंगे।