Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Panipat Crime News: बहरामपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत; मायके पक्ष का आरोप- 'ससुराल वालों ने जबर... Haryana Weather Update: भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत; बारिश के बाद तापमान में 7 डिग्री की गिरावट, 5 द... Panipat Corruption News: पशु लोन पास कराने के बदले घूस लेना पड़ा भारी; एंटी करप्शन ब्यूरो ने VLDA को ... Ambala Bomb Threat: खालिस्तान नेशनल आर्मी की धमकी से दहला अंबाला; नगर निगम, कोर्ट और रेलवे स्टेशन को... Haryana Smart Meter News: हरियाणा में 31 अगस्त से शुरू होगा स्मार्ट मीटर लगाने का काम; केंद्रीय मंत्... Amritsar Student Suicide: 20 हजार फीस के लिए प्रताड़ना! स्कूल मैनेजमेंट से तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा न... Ghaziabad Crime News: सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'; अवैध चल रहे 3 मदरसे सी... Bihar Madrasa Inspection: बिहार में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का होगा भौतिक सत्यापन; शिक्षा विभाग... Rewa Crime News: शव वाहन में हो रही थी बकरियों की तस्करी; रीवा पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, ड्रा... Jabalpur Lokayukta Action: जमीन सीमांकन के बदले 80 हजार की घूस लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार; लोकायु...

ठंढ के साथ साथ अब मगरमच्छों का भी खतरा

राष्ट्रीय खबर

जयपुर: राजस्थान के जिन इलाकों से चंबल अथवा उसकी अनुषंगी नदियों का बहाव है, वहां के लोग इनदिनों दो तरफा परेशानी झेल रहे हैं। अत्यधिक ठंड से परेशान लोगों की दूसरी परेशानी अब मगरमच्छों के ऊपर आ जाने से है।

राजस्थान में इस बार अत्यधिक ठंड पड़ने की वजह से नदियों में रहने वाले मगरमच्छ भी धूप सेंकने बाहर निकल आ रहे हैं। इस वजह से नदियों के किनारों तक जाना खतरनाक बना हुआ है। इस बारे में पता चला है कि मौसम के इस प्रभाव की वजह से नदियों का पानी भी अत्यधिक ठंडा हो गया है। इसलिए कोटा सहित कई इलाकों से होकर गुजरने वाले चंबल नदी का पानी भी बर्फ जैसा हो गया है।

परेशान है। सर्दी के कारण कोटा में चंबल का पानी बर्फ सा ठंडा हो गया है। इस पानी ने मगरमच्छों को भी परेशान कर दिया है। वे पानी के अंदर इस कम तापमान की वजह से ही अधिकांश समय पानी से बाहर पड़े रहते हैं। दूर से हर तरफ ऐसे मगरमच्छों को नदी के किनारे धूप सेंकते हुए देखा जा सकता है।

चंबल नदी में ज्यादा मगरमच्छ भैसरोडगढ़ और जवाहरसागर में देखने को मिलते हैं। भैंसरोड गढ़ अभ्यारण में तो क्रोकोडाइल प्वाईंट बना हुआ है। पर्यटक आते हैं। आबादी के बीच से गुजर रही चंद्रलोइ नदी, किशोर सागर तालाब व रायपुरा नाले में बड़ी तादाद में मगरमच्छ हैं।

कोटा के रायपुरा नाले में 100 से ज्यादा मगरमच्छ हैं। जो दस फुट लंबे तक है। सर्दियों में पानी के ऊपर किनारे पर आकर धूप सेंकते हैं। इस नाले में पहले मछलियां व अन्य प्रजाति के जलीय जीव भी पाए जाते थे, लेकिन केमिकल की वजह से अब वे खत्म हो गए।

इस नाले के आस पास कई खेत हैं। जहां सब्जियां उगाई जाती हैं। ये मगरमच्छ धूप सेंकने के लिए इन खेतों की मेढ़ तक आ जाते हैं। वहीं, चंद्रलोई नदी में भी सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ रह रहे हैं। चन्द्रलोई नदी रायपुरा, देवलीअरब, राजपुरा, जग्गनाथपुरा, बोरखंडी हाथीखेड़ा, अर्जुनपुरा गांव से गुजरती है।

इस नदी किनारे मगरमच्छों के झुंड धूप में सुस्ताते नजर आ जाते हैं। नदी किनारे पानी पीने आने वाले पशुओं पर मगरमच्छ हमला भी कर देते हैं। लोगों पर भी हमला किया है। लोगों के खेत नदी किनारे हैं। इसलिए लोगों में डर का मौहाल रहता है। चंद्रलोई नदी मानस गांव में चंबल से मिलती है।

चंबल और चंद्रलोई नदी में मिलाकर एक हजार से ज्यादा की संख्या में मगरमच्छ हैं। चंबल नदी में 2 साल पहले हुई गणना के आधार पर 800 से ज्यादा मगरमच्छ हैं, लेकिन कोटा में पर्यावरण को लेकर काम कर रहे लोगों के अनुसार 1000 से ज्यादा मगरमच्छ कोटा रेंज में हैं।