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रूस ने यूक्रेन के शांति प्रस्ताव को ठुकराया

  • कहा सारे हथियार त्यागे वरना हम कर देंगे

  • रूस की तरफ से कई शहरों पर मिसाइल हमला

  • पुतिन ने कहा था हम शांति के पक्षधर हमेशा हैं

मॉस्कोः रूस ने यूक्रेन के उस शांति प्रस्ताव को सीधे सीधे नामंजूर कर दिया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की पहल पर अगले वर्ष वार्ता की बात कही गयी थी। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमाइत्रो कुलेबा ने कहा कि यूक्रेन अगले दो महीने के भीतर एक शांति वार्ता चाहता है। इसमें मध्यस्थ की भूमिका में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस रहें।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी तरफ से भरसक यह प्रयास कर रहा है कि यह युद्ध अगले साल स्थायी तौर पर समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि हर युद्ध का अंत तो आखिर वार्ता के जरिए ही होता है। यह बयान तब आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से बात करने से इंकार कर चुके हैं। इस बीच रूस की तरफ से यह बयान आया है कि रूस शांति के पक्ष में हैं लेकिन अपने पड़ोस में हथियारों का जखीरा रखकर वह शांति नहीं चाहता है। यूक्रेन अगर शांति चाहता है तो उसे हथियार छोड़ने पड़ेंगे।

रूस के विदेश मंत्री सेलेगेई लावारोप ने कहा कि शांति का अहम शर्त यूक्रेन को तमाम हथियार हटाने होंगे। अगर यूक्रेन ऐसा नहीं करता है तो रूस की सेना के पास वह क्षमता है कि वह यह काम पूरा कर लेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश यूक्रेन के बहाने रूस को तोड़ने की साजिश में युद्ध को भड़का रहे हैं।

दूसरी तरफ अमेरिका पहले की तरह अपने हथियारों का बाजार देखकर चल रहा है। रूस ने पहले ही यह साफ कूटनीतिक प्रस्ताव सार्वजनिक किया था कि वह अपने पड़ोस में नाटो की मौजूदगी नहीं चाहता है। इसे जानते हुए भी जेलेंस्की ने खुद को नाटो के करीब ले जाने की गलती की।

अब फिनलैंड और स्वीडन भी वही गलती कर रहे हैं। वरना इन देशों को रूस की तरफ से कभी कोई खतरा नहीं रहा है क्योंकि रूस का रवैया ही शांतिप्रिय रहा है। वह अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर और सामान्य संबंध कायम कर चलता है। पश्चिमी देशों के हथियार के बल पर जेलेंस्की कूद रहे हैं तो यह हथियार उनके लिए कितने दिन काम आयेंगे, यह तो उन्हें विचार करना है।

इस बीच रूसी हवाई पट्टी पर ड्रोन हमले में तीन सैनिकों की मौत के बाद रूसी सेना ने दक्षिणी खेरसोन में चालीस तोप के गोले दागे। इसके अलावा खेरसोन शहर में भी ग्यारह मिसाइल आज गिरे। इस किस्म की हमलों की आशंका पहले ही जारी कर दी गयी थी।