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जंतर-मंतर तय स्थान है, तो बैठने क्यों नहीं देते

कांग्रेस नेता पवन खेडा ने फिर केंद्र सरकार पर हमला किया

इस किस्म की पाबंदियों का क्या मतलब

आम जनता को भयभीत किया जा रहा है

यह विरोध प्रदर्शन का स्थापित स्थान है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि तय प्रदर्शन स्थल पर लोगों को प्रदर्शन करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और आम जनता की आवाजाही को प्रतिबंधित करके भय का माहौल पैदा करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया।

एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए खेड़ा ने मोदी सरकार द्वारा हालिया विरोध प्रदर्शनों के कारण कारोबारियों को 2,500 करोड़ रुपये के नुकसान के आरोपों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोकने के बजाय यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदर्शन व्यवस्थित तरीके से हों।

खेड़ा ने कहा, अगर आप लोगों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने दें, तो खान मार्केट के बाहर कौन बैठेगा? कोई नहीं बैठेगा; कोई क्यों बैठना चाहेगा? इंडिया गेट या मेरिडियन चौराहे पर जाकर कौन बैठेगा? जंतर-मंतर एक तय स्थान है—फिर लोगों को वहां क्यों नहीं बैठने दिया जा रहा?

प्रदर्शनों के कारण व्यापारी वर्ग को हुए नुकसान के सवाल पर कांग्रेस नेता ने स्वीकार किया कि प्रदर्शनों से व्यापारियों को नुकसान होता है, लेकिन केंद्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदर्शन बिना पुलिस बर्बरता के हों। उन्होंने कहा, यह सच है कि जब भी देश में आंदोलन होता है, व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन सत्ता में बैठी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि प्रदर्शन व्यवस्थित रूप से हो—बिना पुलिस बर्बरता के। लोगों में डर न फैलाएं।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि सेंट्रल पार्क और कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करने से आम जनता की आवाजाही प्रभावित हुई है और ग्राहक खान मार्केट तथा कनॉट प्लेस जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा, आप सेंट्रल पार्क बंद कर देते हैं; आप 48 से 52 मेट्रो स्टेशन बंद कर देते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए लगातार लोगों से घर पर रहो कहकर और मेट्रो व उसके स्टेशनों को बंद करके, आप खुद आतंक का माहौल बना रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, जब मेट्रो बंद होगी तो ग्राहक खान मार्केट, कनॉट प्लेस या कहीं और कैसे पहुंचेगा? आप ही ग्राहकों को घर पर रहने के लिए मजबूर कर रहे हैं और फिर दावा करते हैं कि व्यापारियों को नुकसान हुआ है। इस नुकसान के जिम्मेदार आप हैं, प्रदर्शनकारी नहीं।

खेड़ा ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर का संसद के करीब होना ही वहां प्रदर्शन करने की मुख्य वजह है, क्योंकि इससे जनता की समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा, आप पहले ही संसद से बहुत दूर चले गए हैं। संसद के करीब होने का मतलब है जनता की नब्ज से जुड़े रहना और जनता के दुख-दर्द को समझना। आप जनता से इतने कट चुके हैं कि जंतर-मंतर के नाम मात्र से कांपने लगते हैं। जंतर-मंतर संसद के बिल्कुल पास है, और इसीलिए हम वहां आकर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं।

उनकी यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्ष और केंद्र के बीच जारी राजनीतिक घमासान के बीच आई है।