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पुलिस गोलीबारी के बाद हिंसा, मॉरीशस में कर्फ्यू

अत्यंत शांतिप्रिय और पर्यटन आकर्षक देश में गड़बड़ी

पोर्ट लुईसः हिन्द महासागर के लोकप्रिय द्वीप देश मॉरीशस में एक महिला को पुलिस अधिकारी द्वारा गोली मारे जाने के बाद भड़की हिंसक झड़पों के मद्देनजर देश के कई हिस्सों में सख्त कर्फ्यू लगाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह घटना मॉरीशस जैसे शांतिप्रिय और लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर हुई है, जहाँ सार्वजनिक अशांति और इस तरह के विरोध प्रदर्शन बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने मंगलवार को अपने एक महत्वपूर्ण संबोधन में घोषणा की कि यह कर्फ्यू स्थानीय समयानुसार रात 8:30 बजे से प्रभावी होगा और अगली सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह से लागू रहेगा। शिक्षा मंत्रालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अचानक मचे हंगामे और अशांति के कारण मंगलवार को द्वीप के कई प्रमुख स्कूल भी एहतियातन बंद रखे गए थे।

यह कर्फ्यू राजधानी पोर्ट लुइस और इस लोकप्रिय पर्यटन द्वीप के उन प्रमुख घनी आबादी वाले केंद्रों को प्रभावित करता है, जहाँ इस प्रकार की सार्वजनिक अशांति आमतौर पर देखने को नहीं मिलती है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि 27 वर्षीय एलोडी थॉमस नामक महिला को गोली मारे जाने के मामले में एक पुलिस हवलदार पर गंभीर आरोप तय किए गए हैं, हालांकि अभी तक इस बात की आधिकारिक और विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।

घायल महिला एलोडी थॉमस वैन में सवार होकर अपने काम से घर वापस लौट रही थी, तभी राजधानी के दक्षिणी क्षेत्र में उसे गोली लग गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि शरीर में फंसी गोली को सफलतापूर्वक निकालने के लिए थॉमस की एक जटिल सर्जरी की गई है, जो पूरी तरह सफल रही।

इस घटना के विरोध में सोमवार को आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर टायर जलाए और प्रमुख मार्गों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यह बयान जारी किया गया है कि अब स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो चुकी है और रात भर चले उपद्रव के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान सामान्य रूप से काम करना शुरू कर देंगे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मॉरीशस पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जाँच वर्तमान में जारी है। इसके साथ ही, मौजूदा हालात की समीक्षा करने और आगे के कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री रामगुलाम की कैबिनेट की बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक होने की भी पूरी संभावना है।