स्टारलिंक को अनुमति नहीं मिलने की बात पर दूसरा हमला
दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति हैं
काफी समय से अनुमति लंबित है यहां
भाजपा के चुनावी चंदे का भी जिक्र
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क और भारत के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी के बीच व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा अब एक बड़े राजनीतिक और रणनीतिक विवाद का रूप लेती नजर आ रही है। अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित कंपनियों द्वारा भारत की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दिए गए राजनीतिक चंदे से जुड़ी समाचार रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। इसके साथ ही मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के खिलाफ अपने हमले और अभियान को अत्यधिक तेज कर दिया है।
मस्क लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत में उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के प्रवेश को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क द्वारा चंदे से जुड़े ये स्क्रीनशॉट पोस्ट किए जाने से कुछ ही घंटे पहले, उन्होंने एक बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक बयान दिया था। मस्क ने मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें प्रधानमंत्री अंबानी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि वह भारतीय बाजार में अपने व्यावसायिक एकाधिकार को बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
यह पूरा विवाद भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम के आवंटन के तरीके को लेकर जारी खींचतान से जुड़ा हुआ है। मस्क की कंपनी स्टारलिंक का तर्क है कि स्पेक्ट्रम का आवंटन प्रशासनिक तरीके से किया जाना चाहिए, जो कि वैश्विक मानकों के अनुरूप है। वहीं, रिलायंस जियो और अन्य भारतीय दूरसंचार ऑपरेटरों का पक्ष है कि देश के स्थापित टेलीकॉम ढांचे और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
रिलायंस समर्थित चुनावी ट्रस्टों और कंपनियों द्वारा बीजेपी को दिए गए चुनावी चंदे की खबरों को सार्वजनिक रूप से शेयर करके मस्क यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि रिलायंस अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करके स्टारलिंक की भारत में एंट्री को बाधित कर रहा है। मस्क के इस आक्रामक रुख और तीखी टिप्पणियों के बाद भारतीय कॉर्पोरेट और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है, जिससे स्टारलिंक बनाम रिलायंस विवाद अब वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में आ गया है।