अमेरिकी टैरिफ से पीड़ित दोनों देश एक दूसरे के करीब आये
मोदी की कनाडा यात्रा दिसंबर में
इसी दौरान इसपर हस्ताक्षर होगा
शीर्ष स्तर पर पांचवे दौर की वार्ता
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत और कनाडा के बीच हाल ही में संपन्न सुरक्षा वार्ता के नवीनतम दौर में दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के लिए चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत किया है। इसके साथ ही, शीर्ष नेतृत्व के दृष्टिकोण के अनुरूप एक मजबूत द्विपक्षीय रक्षा संबंध विकसित करने की अपार संभावनाओं पर भी जोर दिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी कनाडा यात्रा के दौरान दोनों देशों द्वारा सीपा पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है, जो अस्थायी रूप से 11 से 13 दिसंबर के लिए निर्धारित है। यह यात्रा फ्लोरिडा में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले होगी, जिसमें पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा अन्य वैश्विक नेताओं के साथ शामिल होंगे। भारत और कनाडा वर्तमान में सीपा के लिए पांचवें दौर की बातचीत कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने एक ऐसे महत्वाकांक्षी और परस्पर लाभकारी समझौते की वकालत की है जो आर्थिक साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार बन सके और वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर (लगभग 49 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचाने में मदद करे।
दोनों देशों का मानना है कि सीपा पिछले साल प्रधानमंत्री कार्नी के पदभार संभालने के बाद से रिश्तों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया का एक उचित परिणाम होगा। खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी, जिसके दौरान रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने से कुछ महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। इसके अलावा, कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और विदेश मंत्री अनीता आनंद भी इस महीने भारत का दौरा करेंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके कनाडाई समकक्ष डेविड मॉरिसन द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में पिछले एक वर्ष के दौरान आपसी विश्वास, एक-दूसरे की चिंताओं और संवेदनाओं के सम्मान के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता पर संतोष व्यक्त किया गया। बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने मार्च 2026 में नई दिल्ली में और जून 2026 में इवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई प्रधानमंत्री स्तर की बैठकों के मार्गदर्शन को स्वीकार किया। साथ ही, फरवरी 2026 में संपन्न साझा सुरक्षा कार्य योजना के क्रियान्वयन सहित द्विपक्षीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की।