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महिला एस्कर्ट और ऐय्याशी के गवाह सामने आये

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 657 करोड़ घोटाला के राज खुले

महिला गवाहों ने ही खोल दिया राज

सारी रंगीन मिजाजी जनता के पैसे पर

आईएएस पंकज अग्रवाल की परेशानी बढ़ी

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः 657 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में हरियाणा के छह आईएएस अधिकारियों में शामिल पंकज अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब अनजाने में ही कुछ महिलाओं और एस्कॉर्ट्स ने अधिकारियों की रंगीन मिजाजियों के राज खोल दिए। इस बहुचर्चित घोटाले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि की गर्लफ्रेंड (जिसे चार्जशीट में गवाह-1 नाम दिया गया है) और दो महिला एस्कॉर्ट्स (गवाह-2 और गवाह-3) ने सीबीआई की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच अधिकारियों ने इनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंचकूला की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में इनके नाम बंद लिफाफे में सौंपे हैं।

सीबीआई के मुताबिक, आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने मिलीभगत करके हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक खास शाखा में खुलवाए, जहां से 60 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गबन की गई। मुख्य गवाह गवाह-1 ने सीबीआई को बताया कि जीरकपुर के जेड मैनर होटल में उसके नाम पर डांस पार्टियां बुक की जाती थीं। उसे सबसे अच्छे मुजरा के लिए लड़कियों का इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन पार्टियों में मुख्य रूप से रिभव ऋषि, आईडीएफसी बैंक के पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार, हरियाणा के पंचायत विभाग के पूर्व अधीक्षक नरेश कुमार भिवानी, शेल कंपनियों के संचालक और आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल शामिल होते थे।

गवाह-1 ने खुलासा किया कि पंकज अग्रवाल खुद रिभव ऋषि को फोन करके पार्टियों की रूपरेखा तय करते थे। वे विशेष रूप से नई और फ्रेश चेहरों वाली लड़कियों को मुजरा और निजी पलों के लिए बुलाने की जिद करते थे। पार्टियों में दो तरह की लड़कियां होती थीं—एक जो मुजरा करती थीं और दूसरी जो मेहमानों के साथ कमरों में निजी समय बिताती थीं।

जापान और शराब के दौर के बीच, पंकज अग्रवाल अक्सर 3-4 पैग पीने के बाद कहते थे, ये सब मुझे समझ नहीं आता… रूम में चलो। गवाह के अनुसार, उनका मुख्य उद्देश्य मुजरा देखना नहीं बल्कि अपनी पसंद की लड़की के साथ प्राइवेट रूम में जाना होता था। इन पार्टियों में खुलेआम नए और कड़क नोटों की बारिश की जाती थी, और कुल मिलाकर इन पर 2.5 से 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। चार्जशीट में उन दर्जनों युवतियों और डांसरों के नाम भी दर्ज हैं जिन्हें इन पार्टियों में बुलाया जाता था।

दिल्ली की रहने वाली एस्कॉर्ट गवाह-2 ने सीबीआई को बताया कि उसे अगस्त 2025 में पहली मुजरा पार्टी के लिए 50,000 रुपये दिए गए थे। इसके अलावा, जनवरी 2026 में उसे आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल के लिए चंडीगढ़ बुलाया गया। मोहाली के होटल विंडहैम में उसके लिए एक सुइट बुक किया गया था, जिसके बाहर अधिकारी नरेश कुमार भिवानी ने एक गार्ड तैनात कर रखा था। उसे शारीरिक संबंध बनाने के एवज में 75,000 रुपये मिले थे।

जीरकपुर की रहने वाली तीसरी गवाह (गवाह-3) ने बताया कि उसने नवंबर और दिसंबर 2025 में ऐसी दो पार्टियों में हिस्सा लिया था, जिसके लिए उसे प्रति पार्टी 10,000 से 12,000 रुपये मिले थे। उसने बताया कि पंकज अग्रवाल खुद कमरे में आया करता था और उसके साथ समय बिताता था।