केरल तट पर समुद्री उथल-पुथल पर रेड अलर्ट
बहुत ऊंची लहरे उठने का खतरा
समुद्र से दूर रहने की पूर्व चेतावनी
नावों को भी बांधकर रखने को कहा
राष्ट्रीय खबर
तिरुवनंतपुरम: भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र की तरफ से ऊंची लहरों और अचानक आने वाले ज्वार (जिसे मलयालम में कल्लाक्कल कहा जाता है) की चेतावनी मिलने के बाद, शनिवार, 26 सितंबर की सुबह से केरल के पूरे तटीय क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संस्था ने 26 सितंबर को सुबह 2:30 बजे से 28 सितंबर को सुबह 2:30 बजे तक 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरों और समुद्री हलचल की चेतावनी जारी की है। तटीय निचले इलाकों में समुद्र के पानी के भरने और जलभराव का भारी जोखिम है।
राज्य के सभी नौ तटीय जिलों के संवेदनशील हिस्सों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मछुआरों और तटीय इलाकों के रहवासियों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। इस दौरान समुद्र में मछली पकड़ने वाली नावें उतारने या लाने से बचने को कहा गया है। नावों और डिंगियों को बंदरगाहों के भीतर सुरक्षित रूप से बांधकर रखने के निर्देश हैं, ताकि आपस में टकराने से बचाया जा सके।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों से कहा है कि यदि निर्देश मिलें, तो सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जब तक चेतावनी वापस नहीं ली जाती, तब तक बीच पर पर्यटन, मनोरंजक गतिविधियों और समुद्र की सैर पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। लोगों को तटीय कटाव (कोस्टल एरोजन) की आशंका के प्रति भी आगाह किया गया है। इसी तरह की चेतावनियां तमिलनाडु के कन्याकुमारी, रामनाथपुरम, थूथुकुडी और तिरुनेलवेली के तटों के साथ-साथ लक्षद्वीप के लिए भी जारी की गई हैं।