ग्रेटर नोएडा एनकाउंटर: 2017 में भी मासूम से की थी दरिंदगी, जेल से छूटते ही फिर ली बच्ची की जान; परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित हल्द्वानी गांव में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या के मामले में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए आरोपी बलराज के खौफनाक अतीत की परतें तेजी से खुल रही हैं।
पुलिस तफ्तीश और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बलराज एक शातिर और आदतन अपराधी था, जो पूर्व में भी मासूम बच्चों के साथ दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसे जघन्य मामलों में जेल की सजा काट चुका था। जमानत पर बाहर आते ही उसने पुनः एक मासूम को अपनी दरिंदगी का शिकार बना लिया।
मासूम बच्ची शुक्रवार को अपने घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी बलराज बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाता हुआ स्पष्ट दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे हिरासत में लिया गया, जहां कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर पास के खेत से बोरी में छिपाया गया मासूम का शव बरामद किया गया।
⛓️ जेल में हुई थी तौसीफ से पहचान: 3 महीने पहले ही जमानत पर आया था गांव
आपराधिक इतिहास और जेल कनेक्शन:
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तौसीफ के साथ आया था हल्द्वानी: जेल में रहने के दौरान बलराज की मुलाकात तौसीफ नाम के कैदी से हुई थी। लगभग 3 महीने पहले जेल से रिहा होने के बाद तौसीफ उसे अपने घर हल्द्वानी गांव ले आया था, जहां वह मजदूरी का काम करता था।
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2017 में सूरजपुर का मामला: बलराज के खिलाफ वर्ष 2017 में सूरजपुर थाना क्षेत्र में अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
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गाजियाबाद में सजायाफ्ता: इसके अलावा गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में भी एक अन्य मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा उसे सजा सुनाई जा चुकी थी।
⚠️ मानसिक विकृति का शिकार था आरोपी: मुठभेड़ में लगी गोली से हुई मौत
मुठभेड़ और पुलिस कार्रवाई:
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विकृत आपराधिक मानसिकता: ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी अत्यंत विकृत मानसिकता का व्यक्ति था और पूर्व में जानवरों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने जैसी शिकायतों में भी उसका नाम सामने आ चुका था।
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भागने के दौरान मुठभेड़: सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि घटना की रात जब पुलिस टीम आरोपी को साक्ष्य संकलन और घटनास्थल की तस्दीक के लिए ले जा रही थी, तब उसने पुलिस पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से गंभीर घायल हुआ और अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
🚫 परिजनों ने शव लेने से किया इनकार: भाई की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पारिवारिक बहिष्कार और वर्तमान स्थिति:
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परिवार ने तोड़ा था नाता: ईकोटेक-3 थाना प्रभारी बलजीत सिंह के अनुसार, मूल रूप से सूरजपुर के तिलपता गांव का निवासी बलराज लंबे समय से अपनी घिनौनी करतूतों के कारण परिवार से निष्कासित था।
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शव लेने से मना: मुठभेड़ में मौत की सूचना के बाद परिजनों ने उसका शव स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश पर उसके भाई को शव सुपुर्द किया गया, जिसने उसका अंतिम संस्कार कराया।
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सुरक्षा व्यवस्था: घटना के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए गांव में एहतियातन पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।