खंडवा (मध्य प्रदेश): जिले के हरसूद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धारूखेड़ी के समीप भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के लोगों के बीच हिंसक विवाद का गंभीर मामला सामने आया है।
इस खूनी संघर्ष में लगभग 24 भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों के बीच हुई लाठी-डंडों की मारपीट में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
⚔️ धारदार हथियारों से भेड़ों पर हमले का आरोप, दोनों पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे
घटनाक्रम और हमले के मुख्य बिंदु:
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डेरे के पास पहुंचे चरवाहे: प्राप्त जानकारी के अनुसार, धारूखेड़ी गांव के पास पारदी समाज के कुछ परिवार अस्थायी डेरा बनाकर रह रहे हैं। इसी दौरान भेड़ चरवाहे अपने मवेशियों को चराते हुए वहां पहुंचे।
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कहासुनी से भड़का विवाद: किसी बात को लेकर चरवाहों और डेरे के लोगों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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बेरहमी से हमला: चरवाहों का गंभीर आरोप है कि विवाद के दौरान पारदी समाज के लोगों ने धारदार हथियारों से भेड़ों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे 24 भेड़ों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
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तीन लोग घायल: इसके बाद दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
👮 पुलिस जांच में जुटी: विवाद के वास्तविक कारणों की पड़ताल जारी
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई:
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विवाद की वजह की जांच: घटना के पीछे चारागाह विवाद, मवेशियों के डेरे में घुसने या किसी पुरानी रंजिश का हाथ है, इसकी वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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साक्ष्य संकलन: हरसूद थाना पुलिस ने मौके का मुआयना कर मृत भेड़ों के शवों का परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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सख्त कानूनी कदम: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों की पहचान कर संबंधित धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।