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स्कूल टाइम पर तो खुले रहें गेट: बीसीएम स्कूल लुधियाना के पास लगा जाम, अभिभावकों और बसों के लिए बढ़ी चुनौती

लुधियाना (पंजाब): चंडीगढ़ रोड स्थित बीसीएम स्कूल के आसपास सेक्टर-32 की गलियों में स्थानीय निवासियों की ओर से लगाए गए गेटों का मामला अब भी जस का तस बना हुआ है। 11 अगस्त को ‘पंजाब केसरी’ में इस संवेदनशील मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बावजूद ताजा तस्वीरें यही बयां कर रही हैं कि गेट बंद रहने के कारण स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों, अभिभावकों और स्कूल बसों की असुविधा लगातार बनी हुई है। सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि स्कूल बस के पास छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर जोखिम उठाकर आते-जाते दिख रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में अभिभावक अपने दोपहिया वाहनों पर बच्चों को छोड़ने पहुंचे, लेकिन रास्ता संकरा होने से भारी जाम की स्थिति निर्मित हो गई।

🚸 छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गहराया संकट, बंद गेटों के कारण तय करना पड़ रहा लंबा रास्ता

ताजा तस्वीरों और जमीनी स्थिति से स्पष्ट है कि स्कूल बस से उतरने के बाद छोटे-छोटे बच्चों को व्यस्त सड़क के किनारे से होकर स्कूल भवन तक जाना पड़ रहा है।

अभिभावकों का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ता मिलना नितांत आवश्यक है। मुख्य गलियों के गेट बंद रहने से बच्चों को लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है या फिर अत्यधिक भीड़भाड़ व हादसों के खतरे वाली मुख्य सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।

🚌 स्कूल बसों की आवाजाही बनी बड़ी चुनौती, आपातकालीन वाहनों का प्रवेश भी प्रभावित

गेट बंद होने का प्रतिकूल प्रभाव केवल अभिभावकों और पैदल यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि स्कूल बसों के सुचारू संचालन पर भी पड़ रहा है।

बड़ी आकार की बसों को संकरी गलियों में मोड़ने तथा बच्चों को सुरक्षित उतारने और चढ़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्कूल प्रबंधन पूर्व में ही ‘गलाडा’ (GLADA) को पत्र लिखकर अवगत करवा चुका है, जिसमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस व फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों के बाधित प्रवेश और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई गई थी।

🗣️ अभिभावकों की मांग: ‘कम से कम स्कूल खुलने और छुट्टी के समय खोले जाएं गेट’

बच्चों को छोड़ने पहुंचे अभिभावकों का कहना है कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं अपनी जगह जायज हो सकती हैं, किंतु कम से कम स्कूल लगने (सुबह) और छुट्टी (दोपहर) के समय गेट खोलने की अस्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए।

इससे स्कूल बसों और विद्यार्थियों का आवागमन सुलभ होगा और मुख्य सड़क पर अनावश्यक ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को भी “सेक्टर-32 की गलियों पर गेट लगने से बीसीएम स्कूल के बच्चों और स्कूल बसों की बढ़ी परेशानी, गलाडा के पास पहुंचा मामला” शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।