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यमुनानगर में पराली जलाने पर बड़ी कार्रवाई: 3 महीने बाद किसान पर FIR दर्ज, ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर लगेगी रेड एंट्री

यमुनानगर (हरियाणा): फसल अवशेष (पराली) जलाने पर शासन-प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद खेत में आग लगाने के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

घटना के तीन महीने बाद कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी किसान के विरुद्ध सोमवार को औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। खण्ड कृषि अधिकारी (जगाधरी) संतोष कुमार ने पुलिस को सौंपी गई शिकायत में बताया कि पराली प्रबंधन के निर्देशों के उल्लंघन का यह मामला तहसील जगाधरी के खुंडेवाला गांव में इसी वर्ष 9 मई को प्रकाश में आया था।

🌾 ग्राम स्तरीय कमेटी की जांच में खुलासा, 8 कनाल 19 मरला भूमि पर मिले फसल अवशेष जलाने के साक्ष्य

घटना की सूचना प्राप्त होने के उपरांत ग्राम स्तर पर गठित विशेष जांच समिति ने पिछले दिनों संबंधित गांव में मौका मुआयना किया।

स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव के किसान सूरजा राम के खेत में गेहूं की फसल के अवशेष जलाए गए थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, लगभग 8 कनाल 19 मरला कृषि भूमि क्षेत्र में फसल के अवशेषों को जलाने के स्पष्ट साक्ष्य एवं अवशेष प्राप्त हुए, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया।

⚖️ 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान, ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दर्ज होगी रेड एंट्री

पर्यावरण नियमों के अनुसार, खेत में फसल अवशेष जलाने पर प्रभावित क्षेत्रफल के आधार पर ₹5,000 से लेकर ₹30,000 तक के भारी-भरकम पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है।

इसके अतिरिक्त दोषी किसान के भूमि रिकॉर्ड और राज्य सरकार के ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री (Red Entry) दर्ज कर दी जाती है। रेड एंट्री दर्ज होने के दुष्परिणामस्वरूप संबंधित किसान आगामी सीजन तक अपनी कृषि उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी मंडियों में बेचने के अधिकार से वंचित हो जाता है।

📍 जियो-लोकेशन और किला नंबर के आधार पर हुई कार्रवाई, पुलिस ने शुरू की गहन पड़ताल

कृषि विभाग की विशेष टीम ने मौके की सटीक जियो-लोकेशन तथा खेत से संबंधित किला नंबर/खसरा नंबर को अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज किया था।

खंड कृषि अधिकारी ने इसी जांच कमेटी की निष्पक्ष रिपोर्ट को आधार बनाते हुए किसान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुशंसा की थी। थाना छप्पर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है तथा मामले के सभी आवश्यक तथ्यों की गहनता से कानूनी जांच की जा रही है।