चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) परिसर में मौसम संबंधी वैज्ञानिक अनुसंधान और पूर्वानुमान व्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध रोज गार्डन में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेष सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक स्वचालित मौसम स्टेशन (Automatic Weather Station – AWS) का सोमवार को भव्य उद्घाटन किया गया।
इस वेदर स्टेशन का उद्घाटन पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. रेनू विग ने आईएमडी (IMD) चंडीगढ़ के निदेशक एवं प्रमुख सुरेंद्र पाल की गरिमामयी उपस्थिति में किया। यह चंडीगढ़ शहर में स्थापित चौथा स्वचालित मौसम स्टेशन है, जो पूरी तरह से मानव रहित और स्वचालित प्रणाली पर काम करता है।
🌡️ 24 घंटे जुटाएगा मौसम का रियल-टाइम डेटा, बारिश और तापमान का मिलेगा सटीक अपडेट
यह स्वचालित मौसम स्टेशन बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के चौबीसों घंटे मौसम संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े और डेटा रिकॉर्ड करेगा।
यह स्टेशन वायु तापमान (Temperature), सापेक्षिक आर्द्रता (Humidity), वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure), वर्षा की मात्रा, हवा की गति और उसकी सटीक दिशा जैसे प्रमुख मानकों की लगातार निगरानी करेगा। इन रियल-टाइम आंकड़ों के आधार पर चंडीगढ़ और आसपास के मैदानी इलाकों के लिए मौसम पूर्वानुमान अधिक सटीक होगा और प्राकृतिक आपदाओं की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) को भी अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
🤖 आपदा प्रबंधन और AI-मशीन लर्निंग आधारित उच्च स्तरीय रिसर्च में होगा व्यापक उपयोग
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस स्टेशन से प्राप्त होने वाला प्रामाणिक डेटा पर्यावरण विज्ञान, मौसम विज्ञान, कृषि, जल विज्ञान, भूगोल, सिविल इंजीनियरिंग, जनस्वास्थ्य और भू-विज्ञान जैसे बहुआयामी विषयों में उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित आधुनिक शोध प्रोजेक्ट्स को भी एक नई दिशा मिलेगी। मौसम संबंधी यह सटीक आंकड़े स्थानीय आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल योजनाओं के निर्माण में भी प्रशासन के लिए सहायक साबित होंगे।
🌧️ वर्षा, लू और जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक अध्ययनों में मिलेगी बड़ी मदद
आईएमडी और पंजाब यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञान विभाग के प्रोफेसरों ने बताया कि इस स्टेशन से लगातार एकत्र होने वाला डेटा वर्षा, गरज-चमक और प्रचंड लू (Heatwave) जैसी आकस्मिक मौसमी घटनाओं के पूर्वानुमान को अधिक सटीक बनाएगा।
इसके साथ ही यह डेटा वैश्विक जलवायु परिवर्तन (Climate Change), अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट (शहरी ऊष्मा प्रभाव) और मानसून में वर्षा के बदलते पैटर्न पर दीर्घकालिक वैज्ञानिक अध्ययन करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
🎓 “शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया वैज्ञानिक आधार”: कुलपति प्रो. रेनू विग
उद्घाटन के अवसर पर पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. रेनू विग ने कहा, “यह आधुनिक सुविधा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अनुसंधान ढांचे को और अधिक मजबूत करेगी। विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को वास्तविक समय (Real-time) का मौसम संबंधी डेटा आसानी से उपलब्ध होगा, जिससे मौसम, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास (Sustainable Development) जैसे वैश्विक विषयों पर उच्च स्तरीय अध्ययन संभव हो सकेगा। यह दूरगामी पहल भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को एक नई गति देगी।”