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Dr. Samuel Hahnemann Death Anniversary: रांची में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक को दी गई श्रद्धांजलि, चिकित्सकों ने किया याद

झारखंड होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन (JHMA) की रांची इकाई ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमेन की पुण्यतिथि को सादगी और श्रद्धा के साथ मनाया। रांची के अपर बाजार में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और डॉ. हैनीमेन के सिद्धांतों को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक और होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. जीतू चरण राम उपस्थित थे।

🌍 आधुनिक चिकित्सा के दौर में होम्योपैथी की प्रासंगिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. जीतू चरण राम ने कहा कि डॉ. सैमुअल हैनीमेन ने दुनिया को एक ऐसी पद्धति दी जो जड़ों पर काम करती है। उन्होंने कहा कि डॉ. हैनीमेन ने अपना जीवन पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया। संगठन के प्रदेश संयोजक डॉ. अरविंद ने कहा कि होम्योपैथी अब एक संपूर्ण विज्ञान के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिनका इलाज आधुनिक चिकित्सा पद्धति में कठिन है, वहां होम्योपैथिक दवाएं अचूक साबित होती हैं।

🔬 एलोपैथी से होम्योपैथी तक का सफर

श्रद्धांजलि सभा में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि डॉ. सैमुअल हैनीमेन स्वयं एक एलोपैथी चिकित्सक थे। चिकित्सा जगत की सीमाओं और खामियों को करीब से देखने के बाद ही उन्होंने होम्योपैथी का आविष्कार किया, जो आज दुनिया भर में लाखों लोगों को राहत पहुंचा रही है। वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना ही डॉ. हैनीमेन के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।