Balod News: बालोद कलेक्ट्रेट परिसर में धारा 163 लागू; अब बिना अनुमति प्रदर्शन और भीड़ जुटाना होगा अपराध
बालोद: जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास के 500 मीटर के दायरे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू करने का आदेश दिया है। यह आदेश 12 जून से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
⚖️ प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला?
अक्सर विभिन्न संगठनों द्वारा ज्ञापन सौंपने के नाम पर कलेक्ट्रेट परिसर में भारी भीड़ जुटाई जाती थी, जिससे सरकारी कार्यों में व्यवधान पड़ता था। नारेबाजी और शोर-शराबे से कार्यालय की शांति भंग होती थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त फैसला लिया है।
🛑 प्रतिबंधित गतिविधियां और नियम
नए आदेश के तहत निम्नलिखित गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी:
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भीड़ पर रोक: कलेक्ट्रेट के 500 मीटर के दायरे में 4 या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पाबंदी है।
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रैली व प्रदर्शन: बिना सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना या हड़ताल नहीं की जा सकेगी।
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अस्त्र-शस्त्र: कोई भी व्यक्ति विस्फोटक या धारदार हथियार लेकर नहीं चल सकेगा (धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण को छूट)।
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सार्वजनिक संपत्ति: पुतला दहन, टायर जलाना या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
👮 उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी संगठन या व्यक्ति को प्रदर्शन करना है, तो उन्हें अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) से पहले लिखित अनुमति लेनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।