Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष भेजने के लिए नया अंतरिक्ष यान, देखें वीडियो Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... पेंटागन में अचानक बज उठा था एन्थेक्स का अलार्म टेंडर सिंडिकेट पर शिकंजा: प्रशासनिक तंत्र की परीक्षा बन गया PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ...

Jal Jeevan Mission Failure: छतरपुर के रामटौरिया गांव में नल तो लगे, लेकिन पानी नदारद; करोड़ों की योजना सवालों के घेरे में

छतरपुर: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना, जिसका लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अपनी ही विफलता की कहानी सुना रही है। करोड़ों का बजट खर्च करने के बाद भी धरातल पर स्थिति बेहद गंभीर है। कई गांवों में टंकी और नल कनेक्शन तो लगा दिए गए, लेकिन नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं है।

🚰 रामटौरिया में कागजों पर दौड़ रहा पानी

जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर रामटौरिया गांव में जल जीवन मिशन का हाल सबसे बुरा है। सुजारा बांध परियोजना के तहत यहां नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन पाइपलाइनों से पानी की जगह केवल हवा निकल रही है। वार्ड नंबर 1, 12 और 14 के निवासी मीलों दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में यह संकट और भी विकराल हो गया है।

💰 सुविधा नहीं, फिर भी वसूली की मार

ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप ग्राम पंचायत द्वारा की जा रही अवैध वसूली को लेकर है। स्थानीय महिला गेंदा बाई ने बताया कि पानी की एक बूंद न मिलने के बावजूद पंचायत अधिकारी 3000 से 5000 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बड़ामलहरा SDM और छतरपुर कलेक्टर से कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

📢 प्रशासन का जवाब

इस मामले पर जल निगम के अधिकारी अनमोल कोचर का कहना है कि, “बड़ा मलहरा और घुवारा के 119 गांवों को पानी दे रहे हैं, बाकी योजना के तहत कार्य चालू है। इस वर्ष के अंत तक अधिकांश घरों में पानी पहुंचने लगेगा।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यही आश्वासन सुन रहे हैं, जबकि हकीकत में उन्हें आज भी प्यासा रहना पड़ रहा है।