Sagar Wheat Procurement Scam: सागर में गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला; अमानक गेहूं में मिली मिट्टी, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले से गेहूं खरीदी में गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी खरीदी केंद्रों पर खरीद के बाद वेयरहाउस भेजे गए गेहूं में मिट्टी मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह मामला जिले के एक जिम्मेदार मंत्री के गृह क्षेत्र में सामने आया है, जिससे गेहूं खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
🔍 वेयरहाउस में खुली गड़बड़ी की पोल
गंभीरिया स्थित देवप्रभा वेयरहाउस में जब गेहूं से भरा ट्रक पहुँचा, तो उसे उतारते समय कर्मचारियों को गड़बड़ लगी। संदेह के आधार पर जब बोरियों की जांच की गई, तो उसमें गेहूं के बजाय भारी मात्रा में मिट्टी भरी पाई गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले की जांच के लिए तुरंत टीम गठित कर दी।
🔎 जांच टीम की कार्रवाई और सैंपल रिपोर्ट
कलेक्टर के निर्देश पर जिला आपूर्ति नियंत्रक, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम ने हर्षिता स्व-सहायता समूह के खरीदी केंद्र पर दबिश दी। जांच दल ने वहां भंडारित करीब 600 बोरियों का निरीक्षण किया, जिनमें से 10 बोरियों में मिट्टी की मिलावट पाई गई। जांच टीम ने नमूनों को प्रयोगशाला में भेज दिया है।
⚖️ सख्त कार्रवाई का आश्वासन
जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि “खरीदे गए गेहूं में मिट्टी की मिलावट का मामला बेहद गंभीर है। जांच टीम रिपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया में है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर न केवल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, बल्कि लापरवाही बरतने वाले खरीदी केंद्रों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।”