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Palamu Rail Accident: पलामू के राजहरा स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा, कोयले से लदी मालगाड़ी के 18 डिब्बे पटरी से उतरे

झारखंड के पलामू जिले के राजहरा रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा होने का मामला सामने आया है। यहाँ कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 18 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए, जिससे अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया और मुख्य रेल मार्ग पर परिचालन ठप हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे के वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और हाजीपुर जोन के उच्चाधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। टीआई अनिल कुमार तिवारी और डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन के प्रबंधक उमेश कुमार ने इस बड़े हादसे की पुष्टि की है।

📋 अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, रूट पर कई ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा असर

अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद अब तकनीकी टीम द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद प्रभावित रूट की ट्रेनों को डायवर्ट और कैंसल करने के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि कोयले से लदी यह मालगाड़ी टोरी से मुगलसराय की ओर जा रही थी, तभी राजहरा रेलवे स्टेशन के पास इसके पहिए पटरी से उतर गए। मालगाड़ी के डिब्बे बेपटरी होने के कारण इस व्यस्त रूट का परिचालन बुरी तरह चरमरा गया है। इसके चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है और मालगाड़ियां तथा कई पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर खड़ी हैं।

🌐 सेंट्रल इंडस्ट्रियल कोर का अहम हिस्सा: रोजाना गुजरती हैं 100 से अधिक ट्रेनें

गौरतलब हो कि रेलवे का यह इलाका सेंट्रल इंडस्ट्रियल कोर (Central Industrial Core) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है और धनबाद रेलवे डिवीजन के तहत आता है। मालगाड़ी के इस तरह पटरी से उतरने के कारण कोयला परिवहन के साथ-साथ यात्री सेवाओं पर भी बड़ा असर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, राजहरा रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 100 से 110 पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिनमें से लगभग तीन दर्जन केवल पैसेंजर ट्रेनें होती हैं। इस हादसे के बाद रेलवे ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।