Tohana Protest: महंगाई और अवैध पेड़ कटाई पर गरमाया टोहाना; किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
टोहाना में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष लाभ सिंह के नेतृत्व में पक्का मोर्चा पर एकत्रित हुए किसानों ने पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर आक्रोश जताया और महंगाई की प्रतियां फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। किसान नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन्हें महंगाई की चक्की में पीस रही है।
🌳 पेड़ कटाई घोटाले से मचा हड़कंप
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने टोहाना में चल रहे अवैध पेड़ कटाई के मामले को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं का आरोप है कि यह घोटाला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों और आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से संचालित है। इस मामले में वन विभाग ने आरा संचालक प्रिंस सहित तीन लोगों पर केस दर्ज किया है, जबकि प्रिंस ने दरोगा की कॉल रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए विभागीय मिलीभगत का दावा किया है।
⚖️ स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
किसान मोर्चा ने इस घोटाले को एक बड़ा रैकेट करार दिया है। नेताओं का कहना है कि इस मामले में गरीब मजदूरों को फंसाया जा रहा है, जबकि मुख्य दोषी अधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं। मोर्चा ने मांग की है कि:
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टोहाना वन विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर उनका ट्रांसफर किया जाए।
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पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
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निर्दोष मजदूरों को परेशान करना बंद हो और असली दोषियों को सख्त सजा मिले।
⚠️ प्रशासन को सख्त चेतावनी
किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बड़े घोटाले में लिप्त अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो टोहाना में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक संसाधनों का अवैध दोहन और महंगाई जैसे मुद्दे सीधे आम आदमी के जीवन से जुड़े हैं। क्या आपको लगता है कि इस पेड़ घोटाले की स्वतंत्र जांच से सच्चाई सामने आ पाएगी? अपने विचार साझा करें।