Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं से सेवा और सामाजिक दायित्व निभाने का किया आह्वान राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा...

Tohana Protest: महंगाई और अवैध पेड़ कटाई पर गरमाया टोहाना; किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

टोहाना में शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष लाभ सिंह के नेतृत्व में पक्का मोर्चा पर एकत्रित हुए किसानों ने पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर आक्रोश जताया और महंगाई की प्रतियां फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। किसान नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन्हें महंगाई की चक्की में पीस रही है।

🌳 पेड़ कटाई घोटाले से मचा हड़कंप

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने टोहाना में चल रहे अवैध पेड़ कटाई के मामले को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं का आरोप है कि यह घोटाला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों और आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से संचालित है। इस मामले में वन विभाग ने आरा संचालक प्रिंस सहित तीन लोगों पर केस दर्ज किया है, जबकि प्रिंस ने दरोगा की कॉल रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए विभागीय मिलीभगत का दावा किया है।

⚖️ स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग

किसान मोर्चा ने इस घोटाले को एक बड़ा रैकेट करार दिया है। नेताओं का कहना है कि इस मामले में गरीब मजदूरों को फंसाया जा रहा है, जबकि मुख्य दोषी अधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं। मोर्चा ने मांग की है कि:

  • टोहाना वन विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर उनका ट्रांसफर किया जाए।

  • पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

  • निर्दोष मजदूरों को परेशान करना बंद हो और असली दोषियों को सख्त सजा मिले।

⚠️ प्रशासन को सख्त चेतावनी

किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बड़े घोटाले में लिप्त अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो टोहाना में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक संसाधनों का अवैध दोहन और महंगाई जैसे मुद्दे सीधे आम आदमी के जीवन से जुड़े हैं। क्या आपको लगता है कि इस पेड़ घोटाले की स्वतंत्र जांच से सच्चाई सामने आ पाएगी? अपने विचार साझा करें।