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Rajya Sabha Election Jharkhand: राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा का मंथन; एनडीए सहयोगियों के साथ रणनीति को देंगे अंतिम रूप

रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो खाली सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एक सीट पर अपनी दावेदारी को लेकर भाजपा इन दिनों मंथन के दौर में है। पार्टी फिलहाल सिर्फ प्रत्याशी के नाम पर ही नहीं, बल्कि जीत के लिए जरूरी वोटों के आंकड़ों को पूरा करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित पार्टी के दिग्गज नेता जल्द ही एनडीए के सभी सहयोगी दलों—जदयू, लोजपा (रामविलास) और आजसू के प्रमुखों से मुलाकात कर समर्थन जुटाने की पहल करेंगे।

⚙️ नितिन नबीन का दौरा और रणनीति को अंतिम रूप

राज्यसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा के झारखंड प्रभारी नितिन नबीन जून के पहले सप्ताह में रांची पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होकर चुनाव की रणनीति को अंतिम मुकाम देंगे। भाजपा नेता दीनदयाल वर्णवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश नेतृत्व ने अपने स्तर पर प्रत्याशी खड़ा करने का निर्णय ले लिया है। भाजपा को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों और भारत की वैश्विक पहचान से प्रभावित होकर अन्य दलों के विधायक भी उनके प्रत्याशी का समर्थन करेंगे।

📊 सीटों का समीकरण और दिलचस्प मुकाबला

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। ये सीटें शिबू सोरेन के निधन और दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने से खाली हुई हैं। आंकड़ों की बात करें तो सत्तारूढ़ जेएमएम, कांग्रेस, राजद और भाकपा माले गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिससे उनकी एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है। वहीं, एनडीए खेमे के पास 24 विधायकों का समर्थन है (भाजपा 21, आजसू 1, लोजपा 1, जदयू 1)।

🔥 हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर पलटवार

भाजपा ने सत्ता पक्ष द्वारा ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका जताए जाने की कड़ी आलोचना की है। भाजपा का तर्क है कि जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर आंतरिक समन्वय का अभाव है, जिसका लाभ उन्हें राज्यसभा चुनाव में मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, लेकिन वे किसी भी स्थिति में मुकाबले को एकतरफा नहीं होने देना चाहते और विपक्षी खेमे में सेंधमारी की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।