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Twisha Sharma Case Update: ट्विशा शर्मा का आज होगा री-पोस्टमॉर्टम; दिल्ली AIIMS की स्पेशल टीम चार्टर्ड प्लेन से पहुंची भोपाल

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मशहूर एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य हर बीतते दिन के साथ और गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल और बेहद संवेदनशील मामले में आज यानी रविवार (24 मई 2026) को एक बहुत बड़ा और निर्णायक कानूनी मोड़ आने वाला है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद, आज मृतका ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम (री-पोस्टमॉर्टम) किया जाएगा। ट्विशा के शोकाकुल परिजनों की सीधी मौजूदगी में होने वाली इस बेहद संवेदनशील चिकित्सीय प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कोर्ट के आदेश पर इसकी पूरी लाइव वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

इस पूरे मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाईकोर्ट के विशेष आदेश पर दिल्ली एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर के नेतृत्व में चार सदस्यीय सीनियर डॉक्टरों की एक उच्च स्तरीय फॉरेंसिक टीम गठित की गई है। यह मेडिकल टीम शनिवार शाम को अत्याधुनिक और हाई-टेक वैज्ञानिक उपकरणों के साथ राज्य सरकार के विशेष चार्टर्ड विमान से सीधे दिल्ली से भोपाल पहुंच चुकी है। फिलहाल ट्विशा का शव भोपाल एम्स की मॉर्चुरी में कड़े पुलिस पहरे और सुरक्षा घेरे के बीच सुरक्षित रखा गया है, जहां आज डॉक्टरों की यह विशेष टीम शव का गहन परीक्षण करेगी।

⚖️ इस हाई-प्रोफाइल केस से जुड़े अब तक के 4 बड़े अपडेट्स: सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, सोमवार को होगी बड़ी सुनवाई

ट्विशा शर्मा मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, प्रशासनिक और कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। केस से जुड़े अब तक के सबसे बड़े घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

  • 🏛️ सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान: इस मामले का कानूनी दायरा अब मध्य प्रदेश से निकलकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने इस पूरे घटनाक्रम और संदिग्ध परिस्थितियों का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है, जिस पर सोमवार को माननीय चीफ जस्टिस की विशेष बेंच में हाई-लेवल सुनवाई होनी तय है।

  • 🚫 आरोपी पति समर्थ सिंह का लाइसेंस सस्पेंड: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की है। बीसीआई ने आरोपी वकील समर्थ सिंह की वकालत करने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। शनिवार को कड़े पहरे के बीच समर्थ को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट भी तत्काल जब्त करने के कड़े आदेश जारी किए हैं।

  • 🙅‍♂️ शव सौंपने की मांग कोर्ट ने की खारिज: हाईकोर्ट में चली मैराथन सुनवाई के दौरान आरोपी ससुराल पक्ष ने हिंदू रीति-रिवाजों की दुहाई देकर ट्विशा का शव अंतिम संस्कार के लिए पति समर्थ सिंह को सौंपने की भावुक गुहार लगाई थी, जिसे माननीय कोर्ट ने केस की संवेदनशीलता को देखते हुए सिरे से खारिज कर दिया।

  • ⚖️ पूर्व जज गिरिबाला सिंह की मुश्किलें बढ़ीं: मृतका ट्विशा के पिता द्वारा आरोपी पति की मां और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को भोपाल कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इसके साथ ही उन्हें कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद से गरिमा के आधार पर हटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी तेज हो गई है।

🔮 री-पोस्टमॉर्टम के बाद क्या होगा पुलिस और परिजनों का अगला कदम? सीन री-क्रिएट कर सकती है क्राइम ब्रांच

आज भोपाल एम्स में होने वाले इस दूसरे और विस्तृत पोस्टमॉर्टम की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर देश की तमाम बड़ी जांच एजेंसियों की पैनी नजर टिकी हुई है। डॉक्टरों की टीम द्वारा री-पोस्टमॉर्टम की पूरी कानूनी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ट्विशा का पार्थिव शरीर उनके शोकाकुल परिजनों को अंतिम विदाई के लिए सौंप दिया जाएगा। पीड़ित परिजनों का कहना है कि वे एम्स की इस अंतिम रिपोर्ट और डॉक्टरों की प्रक्रिया के बाद ही यह बड़ा फैसला करेंगे कि ट्विशा का अंतिम संस्कार भोपाल में ही किया जाए या फिर शव को दिल्ली ले जाया जाए।

उधर दूसरी तरफ, 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह से राज उगलवाने के लिए पुलिस की विशेष टीम उसे आज या कल में सीधे घटनास्थल पर ले जा सकती है, जहां वारदात वाले दिन का पूरा ‘दृश्य दोबारा जीवंत’ (Scene Re-create) किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि घटना वाले दिन समर्थ की गतिविधियों, उसकी रहस्यमयी फरारी से लेकर कत्ल या खुदकुशी के सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक कड़ियां आपस में जोड़ी जा सकें। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने मामले की पूरी निष्पक्षता और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए इसकी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश पहले ही केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को भेज दी है।