Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: क्या है 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया'? बागी TMC सांसदों के बीच पुरानी ... INS Sharda Colombo Visit: भारत-श्रीलंका के बीच मजबूत हुआ समुद्री सहयोग; INS शारदा ने सफलतापूर्वक पूर... Indian Army Uniform Policy 2026: भारतीय सेना में बड़े बदलाव; गुलामी की निशानियाँ होंगी खत्म, नई गाइडल... Malviya Nagar Fire Case: कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल; जंतर-मंतर पर उत्तराखंड लोक मंच का व... TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस में बगावत पर अभिषेक बनर्जी का बड़ा कदम; स्पीकर से की अलग गुट को मान्यता न... Jharkhand Monsoon Update: मानसून के दस्तक देते ही वज्रपात का कहर; झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों... UP Politics: 2027 में सपा-बसपा-कांग्रेस साथ भी आ जाएं तो नहीं रोक पाएंगे भाजपा की जीत - केशव प्रसाद ... Patna Coaching Dispute: खान सर की कोचिंग के बाहर पुलिस का नोटिस; मैनेजर सहित 3 स्टाफ को पूछताछ के लि... Solapur Road Accident: सोलापुर में पिकअप वाहन कुएं में गिरा; 14 लोगों की दर्दनाक मौत, प्रशासन की राह... TMC Political Crisis: टीएमसी के 20 बागी सांसदों का 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में विलय; एनडीए को दे...

Moga Crime: मोगा में बिना लाइसेंस बीज बेच रहे मालेरकोटला सीड स्टोर पर छापा; महिला अफसरों से बदतमीजी के बाद FIR दर्ज

मोगा: एक तरफ जहां पंजाब सरकार का खेतीबाड़ी विभाग (Agriculture Department) किसानों को सुधरे हुए प्रामाणिक बीज, उच्च गुणवत्ता वाले कीटनाशक तथा नदीन नाशक दवाइयों की सही आपूर्ति यकीनी बनाने के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। मोगा जिले में अभी भी बिना लाइसेंस के और स्टॉक रिकॉर्ड को मेंटेन न रखने वाले कुछ रसूखदार डीलर कथित तौर पर सरेआम नकली या बिना मानक वाले बीज बेच रहे हैं, जिससे भोले-भाले किसानों की फसलों और आर्थिक स्थिति को बड़ा नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।

इसी कड़ी में मोगा शहर के रेलवे रोड स्थित मैसर्ज ‘मालेरकोटला सीड स्टोर’ का मालिक बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से किसानों को बीज सप्लाई करता हुआ रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस मामले में खेतीबाड़ी विकास ऑफिसर डॉ. यशप्रीत कौर के आधिकारिक बयानों के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद रशीद पुत्र मोहम्मद हनीफ (निवासी मालेरकोटला) के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती 18 मई को खेतीबाड़ी विभाग के सहायक खेतीबाड़ी ऑफिसर डॉ. जसवीर कौर की अगुवाई वाली एक विशेष फ्लाइंग टीम द्वारा उक्त दुकान पर औचक छापेमारी की गई थी।

इस छापेमारी के दौरान आरोपी डीलर की जांच टीम के साथ तीखी बहस और कथित तौर पर भारी कहासुनी हो गई, जिसके बाद टीम ने अपनी वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि 18 मई को इस डीलर पर की गई छापेमारी के बाद विभाग के कुछ स्थानीय अधिकारी कथित राजनीतिक शह और सिफारिशों के चलते इस पूरे मामले को अंदर ही अंदर रफा-दफा करने और दबाने में जुटे रहे, जिसके कारण तीन दिनों तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। अंततः, जब जिला खेतीबाड़ी प्रभारी द्वारा मामले को दबाने की कोशिशों के बीच हरी झंडी नहीं मिली, तो यह संवेदनशील मुद्दा सीधे पंजाब के खेतीबाड़ी मंत्री के दरबार में पहुंच गया। मंत्री के सख्त निर्देश के बाद गत शाम मोगा पुलिस ने थाना सिटी साउथ में मामला दर्ज किया। मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर कमलप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपी डीलर फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। विभाग द्वारा उक्त बीज की दुकान को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

⏱️ लाइसेंस की मियाद खत्म होने के 35 दिन बाद तक बिकता रहा बीज: विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर खड़े हुए बड़े सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब प्रशासनिक मुस्तैदी पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि उक्त मालेरकोटला सीड स्टोर के लाइसेंस की वैध मियाद (एक्सपायरी डेट) पिछले महीने 14 अप्रैल को ही पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद पूरे 35 दिनों तक दुकानदार बिना किसी रिन्यूअल के अवैध रूप से किसानों को बीज बेचता रहा।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि 18 मई को टीम द्वारा मारे गए छापे के बाद भी आरोपी दुकानदार के हौसले इतने बुलंद थे कि उसने आम दिनों की तरह ही 20 मई को भी अपनी दुकान खोली और व्यापार किया, जिसके बाद विभाग ने दोबारा जाकर उसे सील किया। स्थानीय किसान यूनियनों का कहना है कि यदि मोगा शहर के मुख्य बाजार में विभाग की चाल इतनी सुस्त और संदिग्ध है, तो ग्रामीण अंचलों में चल रही अवैध दुकानों पर विभाग की कारगुजारी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। दूसरी तरफ, अपनी सफाई में मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. जसवीर कौर का कहना है कि छापेमारी के दिन डीलर दुकान को अचानक बीच में ही बंद करके मौके से भाग गया था, जिसके कारण कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी होने में 3 दिनों का समय लगा।

👮 महिला अधिकारियों से दुर्व्यवहार का मामला पहुंचा एसएसपी के पास: दबाव के बावजूद इंसाफ के लिए अड़ीं महिला अफसर

18 मई को रेलवे रोड स्थित इस दुकान पर जब महिला ए.डी.ओ. डॉ. जसवीर कौर की अगुवाई में टीम रूटीन चेकिंग और सैंपलिंग के लिए पहुंची थी, तो डीलर मोहम्मद रशीद द्वारा उनके साथ कथित तौर पर बेहद अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया गया। इस दुर्व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले की एक लिखित शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) सरताज सिंह चाहल को सौंप दी गई है। महिला खेतीबाड़ी अधिकारियों का साफ तौर पर आरोप है कि वे केवल अपनी विभागीय जिम्मेदारी का पालन करने के लिए सामान्य चेकिंग पर गई थीं, लेकिन अपनी कमियां छुपाने के लिए डीलर ने उनके साथ बदतमीजी की।

मामले की संवेदनशीलता और वीमेन सेफ्टी को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान सरताज सिंह चाहल ने इस पूरे मामले की कमान एसपी-डी (SP-D) को सौंपते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि रसूखदार राजनीतिक गलियारों से महिला खेतीबाड़ी अधिकारियों पर इस पुलिस शिकायत को वापस लेने के लिए भारी प्रशासनिक दबाव भी बनाया गया था, परन्तु महिला अधिकारी बिना झुके अपने आत्मसम्मान और इंसाफ के लिए अड़ी हुई हैं। जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अमृतपाल सिंह ने महिला अधिकारियों द्वारा एसएसपी दफ्तर में शिकायत दर्ज कराए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है और कहा है कि आगे की दंडात्मक कार्रवाई अब पूरी तरह पुलिस प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है।