UP Voter List Dispute: एक ही वोटर का नाम 6-6 बार दर्ज; मैनपुरी में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर भड़की समाजवादी पार्टी
लखनऊ/मैनपुरी: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और जोड़े जाने के बाद से ही वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) ने अब मैनपुरी जिले की वोटर लिस्ट में बहुत बड़ी तकनीकी गड़बड़ी और धांधली होने का सीधा आरोप लगाया है। सपा ने आधिकारिक तौर पर मतदाता सूची की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से सभी ‘डुप्लीकेट वोटर्स’ (एक से अधिक बार दर्ज नाम) को तत्काल प्रभाव से हटाने की पुरजोर मांग की है। पार्टी का बेहद गंभीर आरोप है कि चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से एक ही वैलिड वोटर के नाम सूची में 6-6 बार तक अवैध रूप से दर्ज किए गए हैं, जो निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है।
📋 अखिलेश यादव के निर्देश पर मैनपुरी में एक्शन मोड में आई सपा: चारों विधानसभाओं में एक ही नाम-पते पर कई वोटर्स होने का दावा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कड़े निर्देश के बाद मैनपुरी में पूरी पार्टी जमीनी स्तर पर एक्टिव हो गई है। सपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस गंभीर विषय के संबंध में जिला मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जिले में आगामी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की मांग उठाई। सपा नेताओं का आरोप है कि मैनपुरी जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों पर जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जहां एक ही नाम, एक ही पिता का नाम, समान पता, उम्र और एक ही पोलिंग बूथ पर कई अलग-अलग पहचान पत्रों के साथ वोटर्स के नाम दर्ज हैं।
⏳ भोगांव और करहल में मिले हजारों डुप्लीकेट वोटर्स: सपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव अधिकारी से की त्वरित कार्रवाई की मांग
पार्टी की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में मैनपुरी की विभिन्न वीआईपी विधानसभा सीटों पर हजारों की संख्या में फर्जी या डुप्लीकेट वोटर एक्टिव होने का दावा किया गया है। त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए सपा ने आंकड़ों की सूची भी जारी की है। पार्टी के दावे के अनुसार:
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भोगांव विधानसभा: इस सीट पर एक ही वोटर का नाम रिकॉर्ड 6-6 बार दर्ज है। यहाँ कुल 4,379 डुप्लीकेट वोटर्स मिले हैं।
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करहल विधानसभा: इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सबसे ज्यादा 5,776 से अधिक डुप्लीकेट वोटर्स के नाम होने का दावा है।
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मैनपुरी और किशनी क्षेत्र: इन दोनों क्षेत्रों का हाल भी बदतर है, जहाँ क्रमशः 4,375 और 4,692 संदिग्ध डुप्लीकेट वोटर्स की पहचान की गई है।
🔍 श्रावस्ती में 10 जगह दर्ज मिला एक नाम, झांसी में मृतकों के वोट बरकरार: यूपी के 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर उठाए सवाल
वोटर लिस्ट की यह कथित गड़बड़ी केवल मैनपुरी तक ही सीमित नहीं है। समाजवादी पार्टी ने अपनी विस्तृत शिकायत में राज्य के अन्य जिलों का ब्यौरा देते हुए बताया कि श्रावस्ती जिले की भिनगा विधानसभा सीट पर तो हद ही हो गई, जहां एक ही मूल वोटर का नाम अलग-अलग बूथों पर 10 बार दर्ज पाया गया है। इसी तरह, बुंदेलखंड के झांसी विधानसभा क्षेत्र में भी कई ऐसे वोटर्स के नाम धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है। सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दी गई अपनी लिखित शिकायत में दोटूक कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुप्रचारित एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और दुरुस्त नहीं किया गया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी 1.77 लाख से ज्यादा पोलिंग बूथों की मौजूदा वोटर लिस्ट की सत्यता पर गहरी आशंका व्यक्त की है।