Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP में 32 IAS अफसरों के तबादले: अभिषेक चौधरी बने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने रचा इतिहास, भारत का मेडल पक्का वंदे मातरम् पर कंगना और शर्मिला टैगोर आमने-सामने: 'हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर निकलें', कंगना ने दिया ... पेरू में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप: कांप उठे दक्षिणी एंडीज पहाड़, 'रिंग ऑफ फायर' में बसे देश में द... भारत में गोल्ड लोन का क्रेज: टाटा, गोदरेज और आदित्य बिड़ला जैसे दिग्गजों की एंट्री; ₹3.3 लाख करोड़ क... वायरलेस तकनीक की रीढ़: जानिए हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में ब्लूटूथ की भूमिका रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र का क्या है महत्व? जानिए भगवान कृष्ण-द्रौपदी और राजा बलि की पौराणिक कथाएं नींद की कमी से बेजान हो सकती है त्वचा: जानिए अच्छी नींद कैसे बढ़ाती है स्किन का ग्लो और कोलेजन लखनऊ बैंक अफसर मर्डर केस: पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने CCTV शेयर कर उठाए तीखे सवाल, 3 अवैध हथियारों की ... पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय PE बाजार में बदलाव: 'R-फैक्टर' बना निवेशकों की पहली पसंद

Russia Sarmat Missile Test: रूस ने किया महाविनाशक ‘सरमत’ मिसाइल का परीक्षण, पुतिन बोले- 35000 किमी तक बढ़ सकती है रेंज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे पूरी दुनिया के मिसाइल ताकत संतुलन को खतरा हो सकता है. रूस ने हाल ही में परमाणु क्षमता वाली नई ‘सरमत’ मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है और इस साल के आखिर तक इसे युद्धक ड्यूटी पर तैनात करने की योजना है. पुतिन का कहना है कि इस मिसाइल की मारक क्षमता 35 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा हो सकती है. अगर ऐसा है तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा रेंज वाली मिसाइल बन जाएगी. हालांकि इसके अभी की रेंज 18 हजार किलोमीटर बताई गई है, जो सबसे अभी तक की सबसे ज्यादा.

व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि सरमत मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण के बाद पोसाइडन और बुरवेस्टनिक सिस्टम पर काम अपने अंतिम चरण में है. राष्ट्रपति ने ओरेश्निक को परमाणु हथियारों (न्यूक्लियर वॉरहेड्स) से लैस करने की संभावना का ज़िक्र किया. बता दें, ABM संधि से अमेरिका के हटने के बाद, रूस को अपनी रणनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

क्यों खास है रूस की सरमत मिसाइल?

स्ट्रेटेजिक मिसाइल फोर्सेज के कमांडर काराकायेव की रिपोर्ट के मुताबिक सरमत के सफल लॉन्च के बाद इस साल के आखिर तक इसकी पहली रेजिमेंट को तैनात किया जा सकेगा. सरमत सिस्टम अपनी पिछली मिसाइल प्रणाली, वोयेवोडा मिसाइल सिस्टम से कई अहम मामलों में बेहतर है. इनमें मारक क्षमता, थ्रो-वेट और मिसाइल डिफेंस को भेदने की क्षमता शामिल है.

बढ़ा-चढ़ाकर कर रहे दावें- विश्लेषक

पश्चिमी सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि पुतिन ने रूस की नई पीढ़ी के कुछ परमाणु हथियारों की क्षमताओं के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए हैं. यह उस आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी घोषणा उन्होंने सबसे पहले 2018 में की थी. सरमत को अतीत में असफलताओं का सामना करना पड़ा है. पश्चिमी विशेषज्ञों के मुताबिक सितंबर 2024 में हुए एक परीक्षण के दौरान लॉन्च साइलो में एक गहरा गड्ढा बन गया था.