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IPL 2026 Final: बेंगलुरु से क्यों छिनी आईपीएल फाइनल की मेजबानी? जानें BCCI के इस बड़े फैसले के पीछे की 3 मुख्य वजहें

आईपीएल 2026 का फाइनल बेंगलुरु में ही होना था. इसके पीछे उसका IPL की डिफेंडिंग चैंपियन RCB का होम ग्राउंड होना एक बड़ी वजह थी. BCCI ने भी पहले ये तय कर दिया था कि फाइनल बेंगलुरु में ही होगा. लेकिन, अब IPL 2026 के फाइनल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम से शिफ्ट कर दिया गया है. IPL के 19वें सीजन का फाइनल अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर खेला जाएगा. सवाल है कि जब फाइनल का हकदार बेंगलुरु था, तो फिर उससे ये हक BCCI ने क्यों छिना? आखिर वेन्यू शिफ्ट करने के फैसले के पीछे क्या वजह रही?

IPL 2026 के फाइनल का वेन्यू क्यों बदला?

IPL 2026 के फाइनल का वेन्यू शिफ्ट होने के पीछे की वजह वहां उपजे MLA विवाद को माना जा रहा है. वैसे इसके आसार पहले से ही थे कि अगर समय रहते ये विवाद नहीं टला तो BCCI अपने दूसरे प्लान पर अमल कर सकती है और वही हुआ भी. BCCI ने MLA का मामला सुलझता नहीं देख फाइनल के वेन्यू को वहां से शिफ्ट करने का मन बना लिया.

MLA विवाद कैसे और क्यों उलझा?

RCB और SRH के बीच खेले IPL 2026 के ओपनिंग मैच से पहले कांग्रेस के MLA विजयानंद कशप्पनवर ने सुझाव दिया था कि हर MLA को कम से कम 5 टिकट मैचों के मिलने चाहिए. उन्होंने कहा था कि MLA जनप्रतिनिधि होते हैं ऐसे में उन्हें लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना चाहिए. कांग्रेस MLA के इस बयान के बाद कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 5 की जगह 3 टिकट हर MLA और MP को RCB मैचों के लिए दिए जाने की बात की थी.

डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. टिकटों के दुरुपयोग के आरोप लगे, जिसे कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं. इसलिए इसमें वो ही शामिल होते हैं, जो इसे खरीदते हैं. गृह मंत्री ने ये भी कहा कि टिकट चूंकि नॉन- ट्रांसफरेबल होते हैं, इसलिए इसे लेकर सिर्फ MLA या उनके परिवार के सदस्य ही बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैचों में जा सकते हैं. दूसरे लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते.

BCCI ने मामला सुलझता नहीं देख बदला वेन्यू

BCCI ने इन्हीं मामलों को अनसुलझा देख बेंगलुरु में फाइनल कराने का अपना फैसला बदल लिया. BCCI के मुताबिक स्थानीय संघ और अधिकारियों की कुछ ऐसी आवश्यकताएं हैं जो उनके दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल के खिलाफ थीं. ऐसे में फाइनल को शिफ्ट करना ही सही चारा था.