Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Twisha Sharma Case: 'थाने के पास घर, फिर भी पुलिस को क्यों नहीं बताया?' ट्विशा के भाई का बड़ा आरोप; ... Indore Honeytrap Case: इंदौर में शराब कारोबारी से ₹1 करोड़ की वसूली; 2019 कांड की मास्टरमाइंड श्वेता... UP Weather Update: यूपी के बांदा में पारा 48.2°C पार, टूटा रिकॉर्ड; मौसम विभाग ने जारी किया लू का 'र... जलवायु परिवर्तन के बड़े खतरे पर वैज्ञानिकों की चेतावनी, देखें वीडियो रुपये के सिंबल में वास्तु दोष की भविष्यवाणी सत्य प्रमाणित अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर सीबीआई जांच आदेश सरकार किश्तों में ईंधन कीमतें बढ़ा रही: वेणुगोपाल रेवंत रेड्डी ने अपना एक पुराना वादा पूरा किया अगले सितंबर में भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन केंद्र सरकार को बड़ा लाभांश देगी आरबीआई

Indo-Bangla Relations: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन से बांग्लादेश में हलचल; सुवेंदु अधिकारी की जीत पर ढाका ने दी ये प्रतिक्रिया

बांग्लादेश की बीएनपी पार्टी के नेता और सूचना सचीव अजीजुल बारी हेलाल ने बंगाल के चुनावी नतीजों पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि मैं हैरान हूं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी इतने सालों तक सत्ता में रहने के बाद चुनाव हार गई. वहीं, उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की जीत पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा कि सुवेंदु के आने से दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आएगी.

हेलाल ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी के आने से पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सरकारों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि पहले ममता बनर्जी तीस्ता जल समझौते में रुकावट डाल रही थीं. अब सुवेंदु अधिकारी के आने से इस समझौते का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसकी बांग्लादेश और भारत सरकार को काफी समय से जरूरत थी. उन्होंने कहा कि भले ही उनकी पार्टी और बीजेपी की विचारधारा अलग हो, लेकिन भारत-बांग्लादेश के बीच शांति और तीस्ता मुद्दे पर वे एक जैसा सोचते हैं.

बंगाल में बीजेपी का ‘दोहरा शतक’

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. यहां पहली बार बीजेपी की सरकार बनाने जा रही है. 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा. बीजेपी ने बंगाल में 207 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर ही सिमट गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सीट भी नहीं बचा पाईं. भवानीपुर में उन्हें करारी शिकस्त मिली. सुवेंदु ने उन्हें 15114 वोटों से हराया.

क्या है तीस्ता जल समझौता, जिससे BAN को उम्मीद

बांग्लादेशी नेता ने कहा कि अब सुवेंदु अधिकारी के आने से तीस्ता जल समझौते का रास्ता साफ हो जाएगा. ममता इसे रोक रही थीं. दरअसल, तीस्ता जल समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच एक ऐसा समझौता है, जिसका उद्देश्य तीस्ता नदी के पानी का उचित बंटवारा करना है. दोनों देशों के बीच यह मुद्दा दशकों से चर्चा का विषय बना हुआ है. यह नदी भारत के सिक्किम राज्य के हिमालय क्षेत्र से निकलती है.

सिक्किम के बाद यह पश्चिम बंगाल से होकर बहती है और अंत में बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहां यह ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है. यह बांग्लादेश की चौथी सबसे बड़ी नदी है और वहां के करोड़ों लोगों की खेती और जीविका का मुख्य आधार है. 1983 में एक समझौता हुआ था जिसके तहत भारत को 39 और बांग्लादेश को 36 फीसदी पानी मिलता था, जबकि बाकी 25 फीसदी का बंटवारा तय नहीं था.

2011 में भारत सरकार और बांग्लादेश के बीच एक नई संधि होने वाली थी. इसके तहत दिसंबर से मार्च के दौरान भारत को 42.5 फीसदी और बांग्लादेश को 37.5 फीसदी पानी मिलने का प्रस्ताव था. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस समझौते का विरोध किया था.