Akshay Kumar News: 220 करोड़ की फिल्म में ‘नकली मूंछ’ लगाने पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी, 4 साल बाद बताई असली वजह
अक्षय कुमार ने फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ की रिलीज़ के चार साल बाद इस फिल्म में इस्तेमाल किए गए अपने नकली मूंछ और उसकी आलोचना पर जवाब दिया है. ‘सम्राट पृथ्वीराज’ में अक्षय कुमार ने असली मूंछ बढ़ाने की जगह नकली मूंछ का इस्तेमाल किया गया था. मगर दर्शकों को उनका नकली मूंछों वाला लुक पसंद नहीं आया और उन्हें काफी ट्रोल किया गया था. फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बुरी चरह से पिट गई थी. अब अक्षय ने नकली मूंछ इस्तेमाल करने पर माफी मांगते हुए अपना पक्ष रखा है.
अक्षय कुमार इन दिनों अपनी हालिया रिलीज़ फिल्म ‘भूत बंगला’ के प्रमोशन में जुटे हुए हैं और लगातार इंटरव्यूज़ दे रहे हैं. इसी तरह एक इंटरव्यू में उनसे ‘सम्राट पृथ्वीराज’ के मूंछ वाले विवाद पर सवालक किया गया. उन्होंने बताया कि रोल के लिए एक खास तरह के मूंछ की जरूरत थी और वो वैसे मूंछ उगा नहीं सकते थे. अक्षय कहते हैं, “उस कहानी के हिसाब से एक खास तरह के मूंछ की जरूरत थी. अब मैं तो वैसी मूंछें उगा नहीं सकता था.”
अक्षय ने मांगी माफी
इस दौरान अक्षय कुमार ने उन लोगों से माफी भी मांगी जिन्हें उनका लुक पसंद नहीं आया. वो कहते हैं, “अगर किसी को वो पसंद नहीं आया तो मैं माफी मांगता हूं.” हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि फिल्ममेकिंग के दौरान कुछ फैसलों को टालना मुश्किल हो जाता है. कई लोगों ने अक्षय की मूंछ को आर्टिफीशियल बताया था.
इस वजह से भी लुक बदलना मुश्किल
अक्षय कुमार उन एक्टर्स में से हैं जो एक साथ दो या तीन फिल्में भी करते हैं. उन्होंने बाताया कि उनका शेड्यूल ऐसा रहता है कि उन्हें एक साथ कई फिल्में करनी पड़ती हैं. इस वजह से हर रोल के लिए कुछ बड़ा फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन करना बहुत मुश्किल होता है. यही वजह है कि वो आमतौर पर मेकअप, प्रोस्थेटिक्स और विजुअल इफेक्ट्स के जरिए ही अल-अलग लुक हासिल करते हैं.
‘सम्राट पृथ्वीराज’ हुई थी बड़ी फ्लॉप
अक्षय कुमार की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ एक बड़े बजट की फिल्म थी. इसे बनाने पर मेकर्स ने 220 करोड़ रुपये खर्च किए थे. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी. फिल्म में अक्षय के लुक के अलावा उनके परफॉर्मेंस को भी दर्शकों ने पसंद नहीं किया था. इसमें मानुषी छिल्लर, सोनू सूद और साक्षी तंवर जैसे कलाकार भी नज़र आए थे. फिल्म का निर्देशन चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया था.