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HCS Prelims 2026: हरियाणा के 8 जिलों में 337 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 96 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

पंचकूला: हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा आगामी 26 अप्रैल को होगी. इस परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा. हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने परीक्षा संबंधी सभी तैयारियों की समीक्षा भी की है.

93 हजार 696 अभ्यर्थी पंजीकृत: परीक्षा का पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक (सामान्य अध्ययन) और दूसरा सत्र बाद दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक (सीसेट) होगा. इस परीक्षा के लिए कुल 93 हजार 696 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं. अभ्यर्थियों के लिए प्रदेश के आठ जिलों में कुल 337 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड एचपीएससी की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. वहीं, मुख्य परीक्षा 27-29 जून 2026 तक संभावित है.

HCS PRE EXAMINATION

प्रीलिम्स परीक्षा में बड़ा बदलाव: हरियाणा सरकार ने एचसीएस परीक्षा पैटर्न में अहम बदलाव किया है, जिसके चलते अब प्रारंभिक परीक्षा 400 अंकों की होगी. इसमें दो वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पत्र शामिल होंगे. पहले जहां प्रीलिम्स 200 अंकों की होती थी, वहीं अब अंकों की संख्या दोगुनी कर दी गई है. इस बदलाव का मकसद उम्मीदवारों की समग्र समझ, तार्किक क्षमता और विश्लेषण कौशल के आकलन को माना जा रहा है.

इन जिलों में बनाए परीक्षा केंद्र: प्रारंभिक परीक्षा के लिए जिन जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनमें- पंचकूला (43) केंद्र, अंबाला (31) केंद्र, फरीदाबाद (80) केंद्र, गुरुग्राम (56) केंद्र, करनाल (48) केंद्र, कुरुक्षेत्र (37) केंद्र, पानीपत (19) केंद्र और यमुनानगर में (23) केंद्र बनाए गए हैं. समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उक्त सभी जिला उपायुक्तों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात करने समेत स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही किसी भी आपात चिकित्सकीय स्थिति से निपटने के लिए सभी जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस तैयार रखने को कहा है.

आईएएस व एचसीएस करेंगे निगरानी: प्रत्येक जिले में स्ट्रांग रूम प्रबंधन, प्रश्न पत्र वितरण और परीक्षा के बाद सामग्री को हरियाणा लोक सेवा आयोग पंचकूला भेजने की निगरानी के लिए आइएएस और एचसीएस कैडर के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होना है. परीक्षा के लिए सीसीटीवी, बायोमेट्रिक और मोबाइल जैमर की व्यवस्था की जा रही है.

600 अंकों की मुख्य परीक्षा: मुख्य परीक्षा (मेंस) अब कुल 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के चार पेपर शामिल किए गए हैं और कुछ वर्णात्मक प्रश्नपत्र भी जोड़े गए हैं. प्रत्येक प्रश्नपत्र की अवधि 3 घंटे और अधिकतम अंक 100 निर्धारित किए गए हैं. नए सिलेबस के अनुसार उत्तर लेखन क्षमता की विशेष महत्वता है.