Breaking News in Hindi

Chhattisgarh News: ‘सार्थक अभियान’ ने संवारी किस्मत, छत्तीसगढ़ की जूडो खिलाड़ी रंजीता भरेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान

रायपुर. खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जूडो खिलाड़ी रंजीता कुरैठी के सपनों को पंख दिए हैं. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीत चुकी इस खिलाड़ी को अब जापान में प्रशिक्षण और पोषण सहायता मिलेगी. खास बात यह रही कि डॉ. वर्णिका शर्मा और उपमुख्यमंत्री ने खुद वीडियो कॉल के जरिए खिलाड़ी से बात कर उसका हौसला बढ़ाया.

वीडियो कॉल पर मिला सीधा संवाद और हौसला

बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रंजीता कुरैठी से वीडियो कॉल पर सीधी बातचीत की. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.

जूडो प्रतिभा रंजीता को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा रंजीता कुरैठी ने जूडो में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गोल्ड मेडल जीते हैं. अब उसे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए जापान भेजने की तैयारी है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर और बेहतर प्रदर्शन कर सके.

अरुण साव की त्वरित पहल, अधिकारियों को दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खेल विभाग के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. यह पहल राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

‘सार्थक अभियान’ से निखर रहा खिलाड़ियों का भविष्य

डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि ‘सार्थक अभियान’ के तहत बाल देखरेख संस्थाओं से बाहर निकलने वाले युवाओं के भविष्य निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. रंजीता की मदद इसी अभियान की एक प्रेरणादायक कड़ी है.

खेल सुविधाओं और सुरक्षा पर भी फोकस

बैठक में बच्चों के खेल मैदानों की सुरक्षा, आवारा कुत्तों से बचाव और खुले गड्ढों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. उपमुख्यमंत्री ने इन विषयों को आगामी बैठक में शामिल कर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया.

खेल प्रतिभाओं के लिए सरकार का मजबूत संदेश

रंजीता को मिली यह मदद प्रदेश की अन्य उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा है. यह साफ संकेत है कि सरकार अब जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को पहचानकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सक्रिय है.