मणिपुर का माहौल अब भी पूरी तरह बिगड़ा हुआ है
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उखरुल के गांव में हुआ यह हादसा
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मुख्यमंत्री का राहत शिविर का दौरा
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हथियार और अफीम के साथ गिरफ्तारी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः मणिपुर में हिंसा और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। उखरुल जिले के लिटन इलाके में दो सशस्त्र समूहों (कुकी-ज़ो और तांगखुल नागा) के बीच हुई भारी गोलीबारी की चपेट में आने से बीएसएफ के कांस्टेबल मिथुन मंडल शहीद हो गए। 170वीं बटालियन के सदस्य मंडल उस समय रोड सिक्योरिटी ऑपरेशन पर तैनात थे, जब एक आवारा गोली उनके कंधे में लगी। इलाज के दौरान अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उनकी शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके समर्पण की सराहना की और परिवार को सांत्वना दी।
इसी बीच, मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्व के एक राहत शिविर का दौरा कर एक सात वर्षीय बच्ची के पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिसके साथ जघन्य अपराध (रेप और मर्डर) हुआ था। सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विस्थापित लोगों के पुनर्वास और उनकी समस्याओं के तत्काल निवारण के निर्देश दिए हैं।
राज्य की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करते हुए गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने बताया कि बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में हुए बम धमाके की जांच तेजी से जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के स्थान पर राज्य पुलिस की तैनाती की योजना पर काम चल रहा है, हालांकि मैनपावर की कमी के कारण यह प्रक्रिया धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
दूसरी ओर, सुरक्षा बलों ने राज्य में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के खिलाफ बड़े अभियान चलाए हैं: चुराचांदपुर जिला: पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक मॉडिफाइड कार्बाइन, 9mm पिस्टल और लगभग 3,800 किलोग्राम अफीम के बीज बरामद किए। चंदेल जिला: चकपिकरोंग के जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में एक एके-47 राइफल, चार देसी बंदूकें, सात मोर्टार, आईईडी बनाने की सामग्री और वॉकी-टॉकी सेट का जखीरा पकड़ा गया। प्रशासन इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में गश्त बढ़ाकर शांति बहाली की कोशिशों में जुटा है।