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Uttarakhand News: “50 लाख दो, नहीं तो कान काट देंगे…” इथोपिया में उत्तराखंड का युवक बंधक, बदमाशों ने मांगी फिरौती

उत्तराखंड उधम सिंह नगर के गदरपुर से ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां नौकरी के लिए साउथ कोरिया भेजने के नाम पर एक युवक के साथ न केवल लाखों की ठगी की, बल्कि उसे बंधक भी बना लिया.आरोप है कि एजेंटों के गिरोह ने युवक को कई देशों में घुमाने के बाद इथोपिया में बंधक बना लिया है और उसे छोड़ने के लिए 50 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं. परिवार ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है.

पीड़ित परिवार के अनुसार, अब्दुल्लानगर निवासी युवक रोहित कुमार को साउथ कोरिया भेजने का झांसा दिया गया था. इस मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु शर्मा, जो गदरपुर के वार्ड नंबर 4, सिनेमा हॉल रोड का निवासी बताया जा रहा है. उसने खुद को भरोसेमंद एजेंट बताते हुए युवक को विदेश भेजने की जिम्मेदारी ली थी. उसने परिवार को आश्वासन दिया था कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से पूरी की जाएगी और रोहित को सुरक्षित साउथ कोरिया पहुंचा दिया जाएगा.

परिवार ने बताई पूरी कहानी

परिवार का कहना है कि इस काम के लिए कुल 15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 5 लाख 65 हजार रुपये आरोपी को दे दिए गए थे. इसके बाद आरोपी ने युवक को इथोपिया का वीजा दिलवाया और बताया कि वहीं से आगे की प्रक्रिया पूरी कर उसे साउथ कोरिया भेजा जाएगा. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली. आरोप है कि रोहित कुमार को पहले बैंकॉक, फिर शारजाह और दुबई होते हुए आखिरकार इथोपिया भेज दिया गया. 5 अप्रैल 2026 को इथोपिया पहुंचने के बाद से ही उसका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया.

परिजनों का दावा है कि उन्हें कुछ तस्वीरें मिली हैं, जिनमें रोहित का मुंह बंधा हुआ है और उसके शरीर पर चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. इन तस्वीरों के आधार पर परिवार को आशंका है कि उसे इथोपिया में बंधक बना लिया गया है और उसकी जान को गंभीर खतरा है. परिवार ने पुलिस को कुछ कॉल रिकॉर्डिंग दी है, जिसमें रोहित के परिजनों से 80 लाख रुपए की फिरौती की मांग की जा रही है. बाद में 50 लाख देने के लिए QR कोड भी भेजा गया है. इसके साथ ही पैसा ट्रांसफर न करने पर रोहित के दोनों कान काटने तक की धमकी देते हुए कॉल रिकॉर्ड की गई है.

एक संगठित गिरोह काम कर रहा

इस पूरे मामले में परिवार ने आरोप लगाया है कि हिमांशु शर्मा अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ एक संगठित गिरोह काम कर रहा है. इस गिरोह में अभिमन्यु, श्वेता, त्रिलोचन सिंह, मनदीप और कुछ अन्य अज्ञात लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि इन आरोपियों ने गदरपुर के गूलरभोज रोड स्थित पपनेजा कॉलोनी के पास इंट्रैको नाम से एक कार्यालय भी खोल रखा है, जहां से विदेश भेजने के नाम पर इस तरह की गतिविधियां संचालित की जाती हैं.

परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और रोहित कुमार को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए. स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों ने भी मामले में हस्तक्षेप की बात कही है.