Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
एक सप्ताह के भीतर दूसरा जानलेवा शार्क हमला राम रहीम और आसाराम बापू के मामलों में अंतर क्यों Kerala Politics: मुख्यमंत्री सतीशन और पीएम मोदी की बैठक; राज्य की प्राथमिकताओं और केंद्र से मदद पर र... Supreme Court Update: कानून के छात्रों की उपस्थिति पर SC का बड़ा फैसला; हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक Gurmeet Ram Rahim Parole: 16वीं बार जेल से बाहर आए गुरमीत राम रहीम; 30 दिन की पैरोल पर मचा सियासी बव... Amit Shah in Rajasthan: सीमा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता; BSF जवानों के साहस और बलिदान को गृह मंत्री ने... Akhilesh Yadav Press Conference: यूपी में 'फर्जी एनकाउंटर' को लेकर अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला Khagaria Encounter: बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई; 50 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी मोहम्मद बुद्दिन ढे... Bulandshahr Double Murder: ससुर-बहू के अवैध संबंधों ने बिगाड़ा परिवार; बेटे ने पिता और पत्नी को उतार... Gurugram Crime News: लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर पति ने की पत्नी की हत्या; शव बाथरूम में मिला, आरोपी...

Asaram Son Divorce: आसाराम के बेटे नारायण साईं का तलाक मंजूर, इंदौर कोर्ट ने पत्नी को 2 करोड़ देने का दिया आदेश

Indore News: स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के बेटे नारायण साईं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई के बाद, कुटुंब न्यायालय ने नारायण साईं की पत्नी जानकी देवी द्वारा दायर तलाक की याचिका को मंजूरी दे दी है. अदालत ने न केवल विवाह विच्छेद का आदेश दिया, बल्कि जानकी देवी को 2 करोड़ रुपये की स्थायी भरण-पोषण राशि (Alimony) देने का भी निर्देश दिया है.

जानकारी के अनुसार, नारायण साईं और जानकी देवी का विवाह साल 2008 में हुआ था. हालांकि, यह रिश्ता अधिक समय तक नहीं चल सका और साल 2013 से ही दोनों अलग रह रहे थे. जानकी देवी ने साल 2018 में आधिकारिक तौर पर तलाक के लिए आवेदन दिया था. तब से वो अपनी मां के साथ रह रही थीं.

याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप

अदालत में जानकी देवी की ओर से प्रस्तुत याचिका में नारायण साईं पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. याचिका में उल्लेख किया गया कि नारायण साईं ने विवाह के बाद कभी वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं किए. उनके अन्य महिलाओं के साथ अनैतिक संबंध रहे हैं. सूरत की अदालत में नारायण साईं के खिलाफ बलात्कार का मामला चला, जिसमें उन्हें सजा भी हो चुकी है. पति द्वारा पत्नी का पूरी तरह परित्याग कर दिया गया था. ने इन सभी तथ्यों और प्रमाणों को स्वीकार करते हुए तलाक की डिक्री जारी की. सुनवाई के दौरान नारायण साईं के पक्ष से कोई ठोस दलील पेश नहीं की जा सकी.

भरण-पोषण और संपत्ति की कुर्की

जानकी देवी के वकील अनुराग चंद्र गोयल ने बताया कि तलाक के साथ-साथ भरण-पोषण का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा. पूर्व में धारा 125 सीआरपीसी के तहत कोर्ट ने 50 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था. फिलहाल, लगभग 50 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है.

अधिवक्ता गोयल के अनुसार, नारायण साईं की संपत्ति का पूरा ब्यौरा कलेक्टर को सौंप दिया गया है. वर्तमान में सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है. रिपोर्ट मिलने के बाद बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की जैसी कार्रवाई की जा सकती है. आदेश की विस्तृत प्रति का अध्ययन करने के बाद ही आगे उच्च न्यायालय में अपील करने पर विचार किया जाएगा.