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अनूपपुर हादसा: ‘जिस मलबे को मैं हटा रहा था, उसी में मेरे अपने दबे थे’; जेसीबी चालक की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें

अनूपपुर: कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार की शाम तीन मंजिला इमारत गिरने के 13 घंटे के बाद भी मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है. रात भर मलबा हटाने का काम चलता रहा और अभी भी जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 5 लोगों को बाहर निकाला गया. इसमें से 2 लोगों की मौत हो चुकी थी और 3 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.इस दौरान रात को ही अनूपपुर के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की जानकारी ली.

शनिवार शाम यहां एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई थी. इसके बाद यहां जेसीबी लेकर पहुंचे चालक को नहीं पता था कि उसके पिता और मामा भी इसी मलबे में दबे हुए हैं. घायलों के अस्पताल पहुंचने के 3 घंटे बाद हास्पिटल से जेसीबी चालक को स्थानीय पार्षद ने फोन से पिता की मौत की सूचना दी. इसके बाद भी जेसीबी चालक हेमराज यादव रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे.

2 लोगों की मौत, 3 घायलों का इलाज जारी

अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि “हादसे में 2 व्यक्ति की मौत हुई है जबकि 3 लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचाव कार्य जारी है. हनुमान दीन यादव और रामकृपाल यादव की इस हादसे में दुखद मौत हुई है. फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है. मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.”

जेसीबी चालक को नहीं थी जानकारी मलबे में दबे हैं पिता और मामा

तीन मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर जाने के बाद जेसीबी चालक हेमराज यादव रेस्क्यू करने पहुंचे थे. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जहां वह मलबा हटा रहे हैं वहीं उनके पिता और मामा भी दबे हैं.

हेमराज यादव ने बताया कि “घटना के बाद से लगातार 3 घंटे तक कोतमा नगर पालिका की जेसीबी के माध्यम से रेस्क्यू कार्य में लगे हुए थे. अचानक 3 घंटे के बाद अस्पताल से फोन आया और पता चला कि उनके पिता और मामा मलबे में दबे हुए हैं और उनके पिता की मृत्यु हो गई है, जिनका शव मलबे से निकाल दिया गया है. जबकि उनके मामा का अभी तक कोई पता नहीं चला है. इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे.”

घटनास्थल पर पहुंचे प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार

तीन मंजिला इमारत के गिरने के बाद मलबा हटाने का काम 13 घंटा के बाद भी लगातार जारी है. इस दौरान प्रशासनिक अमला लगातार नजर बनाए हुए है. वहीं देर रात ही मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर अनूपपुर के प्रभारी मंत्री भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य की जानकारी ली. प्रशासन के द्वारा किए जा रहे बचाव कार्य में मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, कोतमा विधायक दिलीप जायसवाल, अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान, शहडोल कमिश्नर सहित पूरा प्रशासनिक अमला घटना स्थल पर अभी भी मौजूद है.