हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और फिर बर्बर तरीके से हत्या की घटना से लोग काफी आक्रोशित हैं. इस घटना में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. जिसके बाद आज भाजपा की ओर से हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया है. इस बंद में हजारीबाग वासियों का समर्थन देखने को मिल रहा है. व्यापारी अपने प्रतिष्ठान खुद से बंद रखे हुए हैं.
बता दें कि रविवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने ऐलान किया था कि अगर 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो हजारीबाग बंद किया जाएगा. जिसके बाद आज यह बंद बुलाया गया है. विष्णुगढ़ में बंद का व्यापक असर देखने को मिला. सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज यादव समेत अन्य लोग हजारीबाग बंद के दौरान एकजुट दिखाई दिए.
स्थानीय व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर घटना के प्रति आक्रोश जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने एकजुट होकर पीड़िता को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की.
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आहूत हजारीबाग बंद का असर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी देखा गया. कई बाजार पूरी तरह बंद रहे और आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ. स्थानीय व्यवसायी बिनोद शर्मा ने कहा कि यह बंद किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि इंसाफ की मांग को लेकर है. उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है.
दरअसल, हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र की घटना ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है. 25 मार्च को 12 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली थी. शव की स्थिति देखकर परिजनों का कहना है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और साक्ष्य छुपाने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. पूरे राज्य भर में इस घटना की निंदा हो रही है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल समेत कई विधायक 27 मार्च को पीड़ित के गांव पहुंचे थे. उन्होंने पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया था. सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं है. इतनी बड़ी घटना घट जाने के बाद भी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर भी नहीं पहुंचे. एसडीपीओ सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए घटनास्थल पर हैं. इसी दिन उन्होंने हजारीबाग बंद करने का ऐलान किया था.