हजारीबागः जिले का ऐतिहासिक रामनवमी जुलूस समाप्त हो गया. लगभग 36 घंटे तक जुलूस हजारीबाग की सड़कों पर रहा. शनिवार 28 तारीख को जुलूस रात के 8:00 बजे प्रारंभ हुआ जो 30 तारीख की सुबह 4:00 बजे समाप्त हुआ. 107 अखाड़े के जुलूस में लगभग 2 लाख से अधिक लोग शामिल हुए. जुलूस के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई और करतब दिखाने के दौरान लगभग 1000 लोग घायल भी हुए, जिनका प्रारंभिक उपचार विभिन्न मेडिकल कैंप और अस्पतालों में हुआ. फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं.
पारंपरिक हथियारों का किया गया प्रदर्शन
हजारीबाग की विश्वविख्यात रामनवमी का जुलूस अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है. जहां देश के कई हिस्सों में रामनवमी समाप्त हो जाती है, वहीं हजारीबाग में इसका भव्य आयोजन शुरू होता है. दशमी की रात्रि से शुरू हुआ हजारीबाग का रामनवमी जुलूस एकादशी की सुबह तड़के 4:00 बजे समाप्त हुआ.
करीब 36 घंटे तक चले इस जुलूस में रामभक्तों का जनसैलाब देखने को मिला. जगह-जगह से लोग अपनी आकर्षक झांकियों के साथ पहुंचे, वहीं कई स्थानों पर पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन भी देखने को मिला. 36 घंटे बीत जाने के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ. इस ऐतिहासिक और यादगार पल को कई अधिकारियों ने भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया.
हजारीबाग वासियों को प्रशासन ने दी बधाई
इस अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि रामनवमी का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली. उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रशासन, हजारीबाग महासमिति, संरक्षण समिति तथा सभी सहयोगी समितियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हजारीबाग की रामनवमी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और इसे देखने का उनका दृष्टिकोण भी बदला है. उन्होंने सफलतापूर्वक रामनवमी संपन्न होने पर हजारीबाग वासियों को बधाई दी.
आयोजन की तैयारी चार माह पूर्व की गई
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि इस 36 घंटे लंबे आयोजन की तैयारी पिछले चार महीनों से लगातार की जा रही थी. उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग से इस आयोजन को सफल बनाने पर संतोष व्यक्त किया.
जुलूस के दौरान तीन लोगों की हत्या
हजारीबाग सदर एसडीओ आदित्य पांडे ने बताया कि जुलूस के दौरान तीन लोगों की हत्या कर दी गई. जिसमें कटकमसांडी प्रखंड के गोदखर गांव निवासी राम कुमार साव, बड़ी बाजार को टोली के अभिषेक वर्मा और एक साथ अन्य शामिल हैं.
वहीं, जुलूस में करतब दिखाने के दौरान लगभग 1000 लोग चोटिल हुए. जिनका इलाज हजारीबाग के अस्थाई मेडिकल शिविर और विभिन्न अस्पतालों में किया गया. हालांकि फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर हैं.
शव रखकर प्रशासन के खिलाफ विरोध
अभिषेक वर्मा की मौत के बाद स्थानीय और उनके परिजनों ने 29 तारीख को ही लगभग 1 घंटे तक शव जुलूस मार्ग में रखकर ही प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज किया. वरीय पदाधिकारी के हस्तक्षेप और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद शव हटाया गया और अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान हजारीबाग सदर एसडीओ आदित्य पांडे ने कहा कि प्रशासन आम जनता के साथ है. जुलूस समाप्त होने के बाद जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है उसकी गिरफ्तारी होगी और इंसाफ मिलेगा.