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ईरान में जारी युद्ध के लिए खुलकर दान दे रहे लोग

एजेंसियों ने कहा यह भी नये किस्म का स्कैम

  • असुरक्षित माध्यमों से बढ़ रहा है जोखिम

  • पैसा कहां जा रहा है, लोगों को पता ही नहीं

  • कई संदिग्धों की पहचान भी की गयी है

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान के लिए कश्मीर से उमड़ रहे मानवीय दान के सैलाब के बीच, प्रवर्तन निदेशालय सहित विभिन्न जांच एजेंसियों ने गुरुवार को धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका जताई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दान का एक बड़ा हिस्सा बिचौलियों और असत्यापित संगठनों के समानांतर नेटवर्क द्वारा डाइवर्ट किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, अमीर हो या गरीब, अधिकांश लोग शुद्ध सद्भावना से दान कर रहे हैं। जो लोग सीधे दूतावास को पैसा दे रहे हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सुरक्षित रूप से ईरान पहुँचेगा। हालांकि, कई संदिग्ध संगठन और बिचौलिए नकद में धन एकत्र कर रहे हैं, जिसके दूतावास तक पहुँचने की कोई गारंटी नहीं है।

अधिकारियों ने पिछले मामलों का हवाला देते हुए बताया कि किस प्रकार क्राउडफंडिंग और भावनात्मक अपीलों की आड़ में भारी रकम जुटाई गई और बाद में उसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया।

जांच एजेंसियों ने आभूषण, पशुधन और घरेलू सामान जैसे गैर-मौद्रिक दान के संग्रह पर भी गंभीर चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि इन वस्तुओं के संग्रह में पारदर्शिता और जवाबदेही की भारी कमी है। घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा करने के अभियानों में निगरानी का कोई तंत्र नहीं है, जिससे चोरी और दुरुपयोग का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद कश्मीर में बहुत तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, लोग अपनी सामर्थ्य से बढ़कर योगदान दे रहे हैं। कहीं बच्चों ने अपनी ईदी के पैसे दान कर दिए, तो कहीं परिवारों ने अपने पुश्तैनी गहने और मवेशी तक सौंप दिए हैं। पुलिस का कहना है कि लोग स्थानीय संगठनों पर अटूट भरोसा कर रहे हैं, जिसका फायदा कुछ तत्व उठा सकते हैं।

प्रशासन ने घर-घर जाकर और स्टॉल लगाकर चंदा इकट्ठा करने वालों को कड़ी चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत बिचौलियों के खिलाफ वैसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी, जैसी दक्षिण कश्मीर में अलगाववादी चेहरों के विरुद्ध की गई थी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति या संस्था को दान देने से पहले उनकी साख की पूरी तरह जांच कर लें।