Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Balaghat Road Accident: बालाघाट में भीषण सड़क हादसा, कार में आग लगने से 3 की जिंदा जलकर मौत Private School Book Scam: बुक फेयर के नाम पर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, रियलिटी चेक में एक ही वेंडर... Satpura Tiger Reserve: मरे बैल के मांस में यूरिया मिलाकर बाघ का शिकार, 24 दिन बाद मिला शव, 5 गिरफ्ता... MP Government Holiday: 30 मार्च को मध्य प्रदेश में नहीं खुलेंगे सरकारी ऑफिस, CM मोहन यादव का आदेश Mandla News: मंडला में पानी के लिए हाहाकार, पार्षद ने खुद उठाई कुदाली, नगर परिषद की लापरवाही उजागर MP Wildlife News: खिवनी में बाघिन 'मीरा' और शावकों का दिखा अद्भुत नजारा, पर्यटकों के सामने आया 'युवर... 'मन की बात' में PM मोदी की बड़ी अपील: दुनिया में पेट्रोल-डीजल का हाहाकार, अफवाहों पर ध्यान न दें देश... IPL में विराट के 8730 रनों का पोस्टमार्टम: उम्र बढ़ने के साथ गेंदबाजों के लिए और बड़ा खौफ बन रहे हैं... Mahakali Movie Update: अक्षय खन्ना की फिल्म 'महाकाली' में होगा बड़ा कैमियो, रणवीर सिंह ने तोड़ा था इ... America Protest News: अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ 'No Kings Protest' का असर, जानें इसके मायने

MP News: PSC से पीछे छूटे चयन मंडल के कर्मचारी, 3 साल के प्रोबेशन पीरियड से लाखों का घाटा

भोपाल: मध्य प्रदेश में नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने दावा किया है कि दिसंबर 2019 के बाद लागू 3 साल की परिवीक्षा व्यवस्था के कारण हजारों कर्मचारियों को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को बदलने और पहले की तरह 2 वर्ष की परिवीक्षा लागू करने की मांग की है.

3 साल की परिवीक्षा से घटा वेतन

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि “दिसंबर 2019 में जारी आदेश के तहत कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती होने वाले कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी गई थी. इस अवधि में कर्मचारियों को पहले साल 70 प्रतिशत, दूसरे साल 80 प्रतिशत और तीसरे साल 90 प्रतिशत वेतन दिया जाता है. चौथे वर्ष से उन्हें पूरा वेतन मिलता है. इस व्यवस्था के कारण नए कर्मचारियों को सेवा के शुरुआती वर्षों में बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.”

भर्ती एजेंसियों में वेतन असमानता का आरोप

कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने आरोप लगाया है कि “यह नियम केवल कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती कर्मचारियों पर ही लागू है. जबकि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि समाप्त होने पर पहले साल से ही पूर्ण वेतन मिल जाता है और उनकी परिवीक्षा अवधि भी 2 वर्ष ही रहती है. कर्मचारी नेता एक ही काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में इस तरह का अंतर न्याय के सिद्धांत के खिलाफ बता रहे हैं.”

3 साल में लाखों रुपए का नुकसान

संघ के अनुसार इस व्यवस्था से कर्मचारियों को 3 वर्षों में भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. उदाहरण के तौर पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगभग 1.74 लाख रुपए तक का नुकसान होता है. वहीं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को मूल वेतन के अनुसार करीब 2 लाख से लेकर 4.07 लाख रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

परिवीक्षा अवधि घटाने की मांग

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेजे पत्र में मांग की है कि राज्य शासन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए परिवीक्षा अवधि फिर से 2 वर्ष की जाए. संघ का कहना है कि ऐसा होने से कर्मचारियों को होने वाला लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान रुकेगा और वेतन संबंधी असमानता भी खत्म होगी.