Breaking News in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास

सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री चामलिंग का रिकार्ड तोड़ा

  • भारतीय पीएम का नया रिकार्ड बनाया

  • सबसे लंबे समय तक का कीर्तिमान

  • गुजरात से दिल्ली तक का सफर

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वे भारत के किसी भी सरकार (राज्य या केंद्र) के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रमुख बन गए हैं। इस गौरवशाली मुकाम तक पहुँचने के लिए उन्होंने कुल 8,931 दिन शासन के शीर्ष पद पर बिताए हैं। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 24 वर्षों से अधिक समय तक सेवा करते हुए कुल 8,930 दिन पद संभाला था।

नरेंद्र मोदी के इस लंबे सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे 21 मई 2014 तक लगातार 13 वर्षों से अधिक समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने 2001, 2002, 2007 और 2012 में लगातार चार बार चुनावी जीत हासिल की। इसके पश्चात, 2014 के आम चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। 2019 और फिर 2024 के चुनावों में लगातार जीत के साथ वे वर्तमान में अपने तीसरे कार्यकाल की सेवा कर रहे हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों ने उन्हें बधाई दी। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह मील का पत्थर सेवा, कड़ी मेहनत और अटूट प्रतिबद्धता की नींव पर टिका है। राजनाथ सिंह ने इसे राष्ट्र-प्रथम शासन का प्रतिबिंब बताया।

केवल शासन ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी पीएम मोदी का प्रभाव अद्वितीय है। वे इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके फॉलोअर्स की संख्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (लगभग 4.3 करोड़) से दोगुनी से भी अधिक है।

8,931 दिनों की यह निरंतर यात्रा न केवल सत्ता की निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय जनता के उन पर अटूट विश्वास का भी प्रतीक है। गुजरात के विकास मॉडल से लेकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तक, पीएम मोदी का कार्यकाल बड़े ढांचागत सुधारों और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख के लिए जाना जाता है। यह रिकॉर्ड आने वाले समय में भारतीय राजनीति के शोधकर्ताओं और भविष्य के नेताओं के लिए एक मानक के रूप में देखा जाएगा।