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यूक्रेन ने अपने नागरिकों पर विरोध दर्ज कराया

एनआईए ने गुप्त सूचना के आधार पर किया है गिरफ्तार

नईदिल्लीः भारत में छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद राजनयिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों के तहत हुई इस कार्रवाई के चार दिन बाद, यूक्रेन सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय  के समक्ष आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है।

कीव ने अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई और निर्बाध राजनयिक पहुंच की मांग की है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत में यूक्रेन के राजदूत ऑलेक्ज़ेंडर पोलिशचुक ने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा।

यूक्रेन का मुख्य तर्क यह है कि उनके नागरिकों को उन आरोपों में हिरासत में लिया गया है जो उनके अनुसार प्रक्रियात्मक उल्लंघन से जुड़े हैं, न कि आतंकवाद से। बीते शुक्रवार को देश के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर एक समन्वित अभियान चलाकर इन सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने कोलकाता हवाई अड्डे से एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया, जबकि लखनऊ और दिल्ली के हवाई अड्डों से तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को पकड़ा गया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसी दिन इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को 27 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनके नागरिकों पर लगे आरोप मुख्य रूप से मिजोरम राज्य में अनधिकृत उपस्थिति और भारत-म्यांमार सीमा के कथित अवैध उल्लंघन से संबंधित हैं। गौरतलब है कि मिजोरम के कुछ क्षेत्रों में प्रवेश के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।

दिलचस्प बात यह है कि कीव के आधिकारिक बयान में भारत के खिलाफ आतंकवादी कृत्य करने के आरोपों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय जांच एजेंसियों ने इन आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 (साजिश के लिए सजा) और अन्य कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

एनआईए द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की पहचान हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमैनोव्स्की, स्टेफनकीव मारियन, होंचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्टर के रूप में हुई है। वहीं, गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक की पहचान मैथ्यू आरोन वैन डायक के रूप में की गई है। फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।