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अमेरिका में ईरान के ‘750 जासूस’ एक्टिव! स्लीपर सेल के निशाने पर कौन? खुफिया रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप, जो बाइडन प्रशासन हाई अलर्ट पर

ईरान जंग की आग अब सीधे अमेरिका तक पहुंच सकती है. इसके 2 फैक्ट्स बताए जा रहे हैं. पहला, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) अमेरिका के कैलिफोर्निया पर ड्रोन हमला कर सकता है. एफबीआई ने इसको लेकर एक अलर्ट जारी किया है. ईरान के निशाने पर कैलिफोर्निया स्थित बड़ी टेक कंपनियां है. कैलिफोर्निया पर हमला करके ईरान दुनिया के टेक सर्विस को बाधित करना चाहता है.

इसके अलावा अमेरिका के भीतर ईरानी स्लीपर सेल के एक्टिव होने की बात कही जा रही है. खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी बात स्वीकारी है. ट्रंप ने कहा है कि मुझे इसकी जानकारी दी गई है. मैं देखता हूं कि क्या हो सकता है?

अमेरिका में कम से कम 750 एजेंट्स

साल 2025 में अमेरिकी कांग्रेस की एक बैठक में रिपब्लिकन सांसद बराद कन्नोट ने एक बयान में कहा था- पहले 1500 स्लीपर सेल एजेंट्स को ट्रंप सरकार ने पकड़ रखा था, लेकिन उनमें से 750 छोड़ दिए गए. अब ये सभी छिपकर अमेरिका में बैठ गए हैं. इनके बारे में कौन जानकारी लाएगा?

ट्रंप भी राष्ट्रपति बनने के बाद पूर्ववती बाइडेन सरकार पर ईरानी स्लीपर सेल को मजबूत करने का आरोप लगा चुके हैं. अमेरिका में ईरानी स्लीपर सेल के एजेंटों पर डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व एनएसए जॉन बॉल्टन जैसे लोगों की हत्या की कोशिश का आरोप लग चुका है.

एफबीआई का मानना है कि ईरानी स्लीपर सेल के निशाने पर राष्ट्रपति ट्रंप के साथ-साथ अमेरिकी सरकार के कई टॉप अधिकारी हैं. इसके अलावा अमेरिका में रह रहे 7 लाख से ज्यादा ईरानी मूल के नागरिकों पर भी स्लीपर सेल का खतरा मंडरा रहा है. ये ईरानी लॉस एंजिल्स में रहते हैं.

कैसे काम करते हैं ईरान के स्लीपर सेल एजेंट्स?

जंग के दौरान हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने एक मैसेज को इंटरसेप्ट किया है. इसमें कोडिंग लैंग्वेज है, जिसका अर्थ है कि सभी लोगों के सक्रिय होने का अब समय आ गया है. ईरान अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में अपना स्लीपर सेल एक्टिव कर रखा है.

स्लीपर सेल का मुख्य काम टारगेट किलिंग करना है, जिससे मुल्क हिंसा की चपेट में आ जाए. इसके लिए स्लीपर सेल के एजेंट किराए पर हत्यारे हायर करते हैं. इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी जेल में बंद एक पाकिस्तानी मूल के निवासी ने ईरान स्लीपर सेल के लिए काम करने की बात स्वीकार की थी.

ईरान स्लीपर सेल पैसे और दबाव के जरिए अपराधियों को भर्ती करता है और उससे हिंसा करवाता है.